लखनऊ। क्रिश्चियन डिग्री कॉलेज, लखनऊ के वॉलीबॉल मैदान में आयोजित दो दिवसीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबलों में बीपीएड की महिला एवं पुरुष टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता का आयोजन डॉ. बैजू अब्राहम और दीपेश उपाध्याय के संयोजन में किया गया।
टूर्नामेंट का शुभारंभ महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. ईशा वी. लाल तथा विभिन्न संकायों के आचार्यों की उपस्थिति में हुआ। प्रतियोगिता में महिला एवं पुरुष वर्ग की टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले।
महिला वर्ग में बीपीएड टीम का शानदार प्रदर्शन
महिला वर्ग के पहले मुकाबले में बीए और बीपीएड की टीमों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। इसमें बीए की टीम ने 11 अंक हासिल किए, जबकि बीपीएड की महिला टीम ने 25 अंक अर्जित कर शानदार जीत दर्ज की।
महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें बीए की टीम ने 24 अंक हासिल किए, जबकि बीपीएड की महिला टीम ने 26 अंक प्राप्त कर दो अंकों से जीत दर्ज की और वॉलीबॉल टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
पुरुष वर्ग में भी बीपीएड टीम का दबदबा
पुरुष वर्ग में बीए और बीपीएड की टीमों के बीच खेले गए पहले मुकाबले में बीए की टीम ने 17 अंक हासिल किए, जबकि बीपीएड की टीम ने 25 अंक प्राप्त कर जीत दर्ज की।
इसके बाद फाइनल मुकाबले में भी बीपीएड की पुरुष टीम ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। बीए की टीम 17 अंक ही हासिल कर सकी, जबकि बीपीएड की टीम ने 25 अंक प्राप्त कर मुकाबला जीत लिया और टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम की।
प्राचार्या ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
समापन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. ईशा वी. लाल ने सभी आयोजकों, प्रतिभागियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और मीडिया कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. बैजू अब्राहम और दीपेश उपाध्याय के प्रयासों की सराहना करते हुए शारीरिक शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं के शानदार प्रदर्शन की प्रशंसा की।
प्राचार्या ने कहा कि क्रिश्चियन डिग्री कॉलेज, लखनऊ के बीपीएड विभाग की टीमों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में अलग पहचान बनाई है। इस सफलता का श्रेय विभागाध्यक्ष के मार्गदर्शन, परिश्रम और खिलाड़ियों के निरंतर अभ्यास को जाता है।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होते रहना चाहिए, ताकि सभी संकायों के छात्र-छात्राओं को खेलों में भाग लेने और अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिले। अंत में उन्होंने सभी खिलाड़ियों को भविष्य में होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
NAGARIK SATTA