- यूपी की 374 ग्रामीण सड़कों के लिए 544.62 करोड़ मंजूर
लखनऊ। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखनऊ स्थित भाकृअनुप-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसान चौपाल को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधा संवाद कर मिट्टी की उर्वरता बचाने, रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में खाद्यान्न का पर्याप्त उत्पादन हो रहा है, लेकिन अब खेती के साथ धरती की सेहत का संरक्षण भी जरूरी है।
- यूपी की 374 ग्रामीण सड़कों के निर्माण को मंजूरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बेहतर सड़क संपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में 374 ग्रामीण सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के लिए 544 करोड़ 62 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बेहतर सड़क सुविधाओं से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में तिल और मूंगफली की खरीद को मंजूरी प्रदान की है। इससे इन फसलों की खेती करने वाले किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
- मिट्टी की जांच कर जरूरत के अनुसार डालें खाद
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड (सॉइल हेल्थ कार्ड) के माध्यम से खेतों की मिट्टी की जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल मिट्टी की वास्तविक जरूरत के अनुसार ही किया जाना चाहिए। जरूरत से ज्यादा खाद डालने से मिट्टी की सेहत प्रभावित होती है और कृषि की दीर्घकालिक उत्पादकता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
उन्होंने कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग पर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, कीटनाशकों के अनियंत्रित इस्तेमाल से खेती के लिए उपयोगी जीवों को नुकसान पहुंचता है। इसलिए संतुलित उर्वरक प्रबंधन और कीटनाशकों का विवेकपूर्ण प्रयोग आवश्यक है।
- एक बीघा जमीन पर प्राकृतिक खेती करने की अपील
केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास पांच बीघा जमीन है, वे कम से कम एक बीघा भूमि पर प्राकृतिक खेती का प्रयोग जरूर करें। इससे मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने किसानों को फसल विविधीकरण और एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाने की भी सलाह दी। किसानों को केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जमीन और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार फल, सब्जियां, दालें और अन्य फसलें उगानी चाहिए। फसल चक्र में बदलाव से खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने में मदद मिल सकती है।
- पौधरोपण के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की सेहत, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम की शुरुआत पौधरोपण से हुई। केंद्रीय मंत्री ने संस्थान परिसर में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
NAGARIK SATTA