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विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के लक्ष्य की ओर तेज़ी से अग्रसर योगी सरकार
लखनऊ, 9 फरवरी। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए राज्य के समग्र विकास की सशक्त तस्वीर पेश की। सर्वेक्षण में कृषि, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, पर्यटन, पशुपालन और औद्योगिक विकास में उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित किया गया है। सरकार ने “विकसित उत्तर प्रदेश 2047” के लक्ष्य को केंद्र में रखकर विकास की गति को नई दिशा दी है।
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कृषि क्षेत्र में रिकॉर्ड वृद्धि, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2024-25 में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़कर 24.9 प्रतिशत हो गया है। प्रदेश ने 737.4 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन के साथ देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। 2017-18 से 2024-25 के बीच खाद्यान्न उत्पादन में 28.5 प्रतिशत तथा उत्पादकता में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। धान और गेहूं उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जबकि दलहन और तिलहन क्षेत्रफल में ऐतिहासिक विस्तार हुआ है। राज्य सरकार ने एमएसपी, सूक्ष्म सिंचाई, फसल बीमा, किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम योजना और एम-पैक्स सदस्यता अभियान जैसी योजनाओं से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। अब तक 86,128 सोलर पंप, 32,732 खेत तालाब और लाखों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सहायता प्रदान की गई है।
प्रदेश के पांच कृषि-जलवायु क्षेत्रों में उन्नत बीज पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। पहला बीज पार्क लखनऊ के अटारी क्षेत्र में 266.70 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। इससे उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन, रोजगार सृजन और आय वृद्धि को बल मिलेगा। उत्तर प्रदेश देश के दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान पर है और कुल उत्पादन में 15.66 प्रतिशत का योगदान करता है। अंडा उत्पादन 244 करोड़ से बढ़कर 611 करोड़ हो गया है। मत्स्य उत्पादन में 111.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
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स्वास्थ्य एवं मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक विस्तार
प्रदेश का स्वास्थ्य बजट 46,728.48 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 से बढ़कर 81 हो गई है। 170 मोबाइल मेडिकल यूनिट, 26 मेडिकल कॉलेजों में टेलीमेडिसिन, और ई-संजीवनी सेवा से लाखों मरीजों को लाभ मिला है। संस्थागत प्रसव दर 96 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जबकि बाल और मातृ स्वास्थ्य संकेतकों में भी सुधार हुआ है।
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सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण पर रिकॉर्ड निवेश
वर्ष 2025-26 के लिए 34,504 करोड़ रुपये सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। 67.50 लाख वृद्धजन और 22.89 लाख दिव्यांगजन पेंशन से लाभान्वित। 17.48 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति । मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह योजना और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत लाखों परिवारों को सहायता ।
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कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा में बड़ा सुधार
आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया कि डिजिटल पुलिसिंग, सीसीटीवी नेटवर्क, फास्ट ट्रैक कोर्ट, ई-कोर्ट और मिशन शक्ति के माध्यम से अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और जनविश्वास में वृद्धि हुई है। सेफ सिटी परियोजना और उत्तर प्रदेश फैक्ट्री अधिनियम (संशोधित) 2025 से महिलाओं को समान अवसर और सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
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पर्यटन में ऐतिहासिक उछाल, यूपी बना देश का नंबर-1 पर्यटन राज्य
वर्ष 2025 में 156.18 करोड़ पर्यटकों के आगमन के साथ उत्तर प्रदेश देश में पर्यटन के मामले में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। प्रयागराज महाकुंभ-2025 और पर्यटन नीति-2022 ने राज्य को सांस्कृतिक पर्यटन हब के रूप में स्थापित किया है। प्रदेश में 12 पर्यटन सर्किट, 12 थीमैटिक सेक्टर, 15+ एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग पार्क और हजारों निवेश प्रस्तावों से रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।
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फूड प्रोसेसिंग, कृषि मूल्य संवर्धन और रोजगार को बढ़ावा
यूपी में 65,000 से अधिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स संचालित हैं, जिससे 2.55 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक जिले में न्यूनतम 1,000 प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित करना है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 यह स्पष्ट करता है कि उत्तर प्रदेश कृषि, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था, पर्यटन और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। योगी सरकार की योजनाबद्ध नीतियों और निवेश के चलते प्रदेश तेजी से विकसित भारत के विकास इंजन के रूप में उभर रहा है और “विकसित उत्तर प्रदेश 2047” के लक्ष्य की ओर मजबूती से अग्रसर है।
NAGARIK SATTA