लखनऊ। जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के तत्वावधान में एक भव्य एवं अनुशासित शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसने पूरे नगर में आध्यात्मिक उत्साह और सांस्कृतिक चेतना का वातावरण निर्मित कर दिया। मोती नगर स्थित आर्य समाज मंदिर से प्रारंभ हुई यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई में पहुंचकर सम्पन्न हुई।
जिला आर्य समाज की अध्यक्ष वेदाचार्य डॉ. निष्ठा विद्यालंकार के नेतृत्व में नगर की विभिन्न आर्य समाज संस्थाओं के श्रद्धालु श्वेत एवं पीत वस्त्र धारण कर हाथों में ओम् पताका लिए शोभायात्रा में शामिल हुए। बैनरों से सुसज्जित वाहनों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए धार्मिक अनुशासन और एकता का संदेश दे रहे थे।
यात्रा के दौरान डॉ. निष्ठा विद्यालंकार ने शोभायात्रा के आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। शोभायात्रा की भव्यता और अनुशासित स्वरूप दर्शनीय रहा।
दयानंद बालसदन के विद्यार्थियों के साथ आचार्य प्रीति विमर्शिनी, आचार्य विमल आर्य, प्रेम शंकर मौर्य एवं भव्य शंकर ने बीच-बीच में “ओम् का झंडा ऊँचा रहे”, “वेद की ज्योति जलती रहे” तथा महापुरुषों के जयघोषों से वातावरण को गूंजायमान कर दिया।
पहुंचने पर आयोजित सभा में विद्वान वक्ताओं ने वैदिक संस्कृति, सामाजिक एकता और नैतिक मूल्यों के संरक्षण पर बल दिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से आनंद मोहन तिवारी, रण सिंह, शिवशंकर वैश्य, वंशीलाल मुनि आनंद (एडवोकेट), आचार्य विमल आर्य, डॉ. शैलेश कुमार पांडेय, उर्मिला एवं डॉ. अंजू सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
यह शोभायात्रा वैदिक परंपरा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता का सशक्त संदेश देने में सफल रही।
NAGARIK SATTA