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राज्यपाल से राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के प्रशिक्षु अधिकारियों की शिष्टाचार भेंट

लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से आज जन भवन में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली के प्रशिक्षु अधिकारियों तथा भारत सरकार की सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने नेशनल सिक्योरिटी एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज विषय पर शिष्टाचार भेंट की और संवाद किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा, शासन व्यवस्था तथा विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। इस भेंट में भारतीय सशस्त्र सेनाओं के तीनों अंगों के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ-साथ मालदीव, ब्राजील, श्रीलंका, आर्मेनिया तथा मंगोलिया के सैन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय नई दिल्ली में इन अधिकारियों हेतु एक वर्षीय पाठ्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य, गवर्नेंस, न्याय व्यवस्था सहित राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न आयामों का अध्ययन कराया जाता है। पाठ्यक्रम के अंतर्गत अधिकारी विभिन्न राज्यों का भ्रमण कर स्थानीय स्तर पर व्यावहारिक मुद्दों का अध्ययन करते हैं और अपने निष्कर्षों की रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को प्रस्तुत करते हैं। वर्तमान में इनके पाठ्यक्रम में आर्थिक सुरक्षा से संबंधित अध्ययन चल रहा है, जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश में स्थानीय उद्योगों के विकास पर अध्ययन किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रशिक्षु अधिकारियों का यह उत्तर प्रदेश का भ्रमण है, जिसके अंतर्गत वे राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट हेतु जन भवन पहुंचे।

संवाद के दौरान राज्यपाल ने अपने प्रशासनिक एवं सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों, आंगनवाड़ी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, टीबी उन्मूलन तथा सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण जैसे जनस्वास्थ्य अभियानों के महत्व पर प्रकाश डाला। राज्यपाल ने इस अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, केजी से पीजी तक समग्र शिक्षा की अवधारणा, विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में किए जा रहे विविध नवाचारों तथा शासन की नीतियों के सफल क्रियान्वयन में प्रशासनिक प्रतिबद्धता की आवश्यकता पर भी विचार साझा किए।

इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी (अपर मुख्य सचिव स्तर) राज्यपाल डॉ. सुधीर महादेव बोबडे ने राज्यपाल द्वारा किए गए विभिन्न नवाचारों तथा उनके व्यापक प्रशासनिक अनुभव पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि माननीय राज्यपाल ने अपने कार्यकाल के दौरान आंगनवाड़ी सशक्तिकरण, सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन हेतु एचपीवी टीकाकरण, जनभवन को आमजन के लिए खोले जाने जैसी कई महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाया है। इसके साथ ही गुजरात में मुख्यमंत्री तथा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में राज्यपाल रहते हुए भी उन्होंने अनेक जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की शुरुआत की, जिनका प्रभाव राष्ट्रव्यापी स्तर पर देखा गया।
डॉ बोबडे ने बताया कि राज्यपाल ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में टीबी उन्मूलन की दिशा में एक अभिनव पहल प्रारंभ की थी, जिसे बाद में उत्तर प्रदेश में भी आगे बढ़ाया गया। इस अभियान के अंतर्गत टीबी रोगियों को पोषण पोटली उपलब्ध कराए जाने तथा जनभवन के प्रत्येक अधिकारी द्वारा टीबी रोगियों को गोद लेने की व्यवस्था प्रारंभ की गई। इसी प्रकार सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए पिछले पाँच वर्षों से राज्यपाल की प्रेरणा से प्रदेश भर में लगभग 60,000 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन प्रदान की जा चुकी है। साथ ही 28 फरवरी को अजमेर में माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीकाकरण के राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा भी की गई।

इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) डॉ. पंकज एल. जानी ने वर्ष 2019 से प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हुए गुणवत्तापरक सुधारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 38 राजकीय विश्वविद्यालय तथा 51 निजी विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं और वर्ष 2019 के बाद इनमें उल्लेखनीय गुणवत्ता सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 काल में भी विश्वविद्यालयों के साथ निरंतर ऑनलाइन बैठकें आयोजित की जाती रहीं, नैक मूल्यांकन की तैयारी कराई गई तथा विश्वविद्यालयों की समस्याओं का संकलन कर माननीय राज्यपाल द्वारा आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए।

डॉ. जानी ने बताया कि इन प्रयासों के सकारात्मक परिणामस्वरूप आज उत्तर प्रदेश के 18 विश्वविद्यालय नैक की उच्च ग्रेडिंग प्राप्त कर चुके हैं, जिनमें 9 को ए प्लस प्लस, 4 को ए प्लस, 5 को ए तथा 2 विश्वविद्यालयों को बी प्लस प्लस ग्रेडिंग प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त एनआईआरएफ रैंकिंग की 11 श्रेणियों में उत्तर प्रदेश के 14 विश्वविद्यालय 50 से 100 के बीच स्थान प्राप्त कर चुके हैं। क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में प्रदेश के दो विश्वविद्यालय तथा क्यूएस एशिया रैंकिंग में सात विश्वविद्यालय शामिल हैं, जबकि छह विश्वविद्यालय कैटेगरी-वन में हैं।

इस अवसर पर प्रशिक्षु अधिकारियों द्वारा राज्यपाल को स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया। राज्यपाल ने भी अधिकारियों को ‘चुनौतियां मुझे पसंद हैं‘, ‘हमारा राजभवन‘, ‘आंगनबाड़ी मेरी आत्मा‘, ‘टीबी मुक्त भारत‘ तथा ‘राजभवन बैंड‘ सहित अन्य पुस्तकें भेंट कीं। कार्यक्रम के उपरांत प्रशिक्षु अधिकारियों ने जन भवन परिसर का भ्रमण किया, जिसमें कला कक्ष, तृप्ति कक्ष, अन्नपूर्णा हॉल, स्टांप कक्ष, जनभवन आदर्श माध्यमिक विद्यालय सहित अन्य स्थलों का अवलोकन किया।

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