लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में शुक्रवार को जन भवन स्थित गांधी सभागार में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति एवं अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों ने प्रशासन, वित्तीय स्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति, प्रवेश प्रक्रिया तथा शिक्षण एवं गैर-शिक्षण पदों की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।
समीक्षा के दौरान वाणिज्य, फार्मेसी, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, विधि, सामाजिक विज्ञान, कला एवं मानविकी तथा विज्ञान संकायों की शैक्षणिक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही छात्रावास सुविधाएं, छात्र कल्याण, नवाचार एवं इन्क्यूबेशन, शोध पीठों, संग्रहालय, आर्ट गैलरी, एमओयू, सुरक्षा व्यवस्थाएं, एनएसएस-एनसीसी की विस्तार गतिविधियां, सांस्कृतिक एवं खेल कार्यक्रम, तथा प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। ‘समर्थ’ पोर्टल के क्रियान्वयन, शोध परियोजनाओं, प्रकाशनों, पेटेंट्स एवं विश्वविद्यालय की भावी कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने सभी विभागाध्यक्षों को अपने-अपने विभागों की कमियों का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन कर समयबद्ध सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मासिक समीक्षा प्रणाली विकसित करने पर बल दिया, ताकि कार्यों में निरंतर गुणवत्ता सुधार हो सके।
राज्यपाल ने शोध, नवाचार और पेटेंट को बढ़ावा देते हुए शोध कार्यों के व्यावहारिक उपयोग (कमर्शियलाइजेशन) पर जोर दिया। विद्यार्थियों और शिक्षकों को शोध पत्र, पुस्तक लेखन एवं अनुवाद कार्य में सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए गए। विश्वविद्यालय की वर्षभर की गतिविधियों के दस्तावेजीकरण और प्रकाशन के लिए समिति गठित करने, स्थापना दिवस सहित विभिन्न आयोजनों का व्यवस्थित संकलन करने और विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
राज्यपाल ने गोद लिए गए गांवों में सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों को सशक्त बनाने, आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक-सहपाठ्यक्रम कार्यक्रम चलाने तथा आंगनबाड़ी किट वितरण के प्रभाव का दस्तावेजीकरण करने के निर्देश दिया। साथ ही बालिका गृह एवं बालक गृह में विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, खेल गतिविधियों में भागीदारी, ‘अग्निवीर’ जैसे अवसरों से जोड़ने, स्वास्थ्य, पोषण, अनुशासन तथा छात्रावासों में स्वच्छता और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन एवं एनआईआरएफ रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु गंभीरता से कार्य करने तथा ई-लाइब्रेरी और डिजिटल संसाधनों को सुदृढ़ बनाने पर भी बल दिया।
राज्यपाल ने संविधान दिवस पर आयोजित ‘मूट कोर्ट’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने तथा समावेशी शिक्षा के तहत ट्रांसजेंडर समुदाय को शिक्षा से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए। रोजगार मेलों के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को नियमित एवं पूर्ण वेतन सुनिश्चित कराने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर सतत निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि राज्यपाल के मार्गदर्शन से प्रदेश के विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति कर रहे हैं और उच्च शिक्षा का स्तर तेजी से बेहतर हो रहा है। वहीं राज्यमंत्री उच्च शिक्षा रजनी तिवारी ने कहा कि राज्यपाल के दिशा-निर्देश उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रेरित करते हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने आश्वस्त किया कि राज्यपाल द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और विश्वविद्यालय को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रगतिशील बनाया जाएगा।
NAGARIK SATTA
