लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के आलमबाग बस टर्मिनल पर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर का 135वां जन्मदिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बस टर्मिनल परिसर को विशेष रूप से सजाया गया और श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ रीजन के क्षेत्रीय प्रबंधक अमरनाथ सहाय तथा विशिष्ट अतिथि एम.के. वर्मा उपस्थित रहे। अतिथियों ने डॉ. अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
अपने संबोधन में अमरनाथ सहाय ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने अपने विचारों और कार्यों से भारतीय समाज की दिशा बदल दी। उन्होंने जातिगत भेदभाव के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया और शिक्षा, संगठन व संघर्ष को सामाजिक समानता का मार्ग बताया। उनके विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं। विशिष्ट अतिथि एम.के. वर्मा ने भी डॉ. अंबेडकर के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला।
कर्मचारी नेता रूपेश कुमार ने माल्यार्पण करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर ने न केवल भारत का संविधान रचा, बल्कि वंचित, शोषित और पीड़ित वर्गों को आत्मसम्मान से जीने का अधिकार दिलाया। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू (अब डॉ. अंबेडकर नगर) में जन्मे बाबासाहेब का जीवन संघर्ष, परिश्रम और ज्ञान की शक्ति का अद्भुत उदाहरण है। कठिन सामाजिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। डॉ. अंबेडकर एक महान अर्थशास्त्री, समाज सुधारक, विधिवेत्ता और मानवाधिकारों के सच्चे प्रहरी थे। उनका संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” आज भी सामाजिक परिवर्तन का सूत्र है। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और समान, न्यायपूर्ण व समरस समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार सिंह, बनारसी राम, जितेंद्र कुमार, इंचार्ज सुनीता अवस्थी, मधु श्रीवास्तव, सरिता श्रीवास्तव, आशीष कुमार मिश्रा, चन्द्र कुमार, शीतल प्रसाद, एस.पी. सोनकर, वसीम अहमद सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
NAGARIK SATTA

