लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के फार्मेसी संकाय द्वारा सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान के अंतर्गत तीसरी खुराक का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण एवं रोगों की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। यह टीकाकरण कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अभियान के अंतर्गत कुल 35 छात्राओं को टीका लगाया गया जिससे उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जा सके।
इस अवसर पर टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संकाय की निदेशक प्रो शालिनी त्रिपाठी ने बताया कि टीकाकरण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। विशेष रूप से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में यह अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण न केवल संक्रमण से बचाव करता है बल्कि भविष्य में होने वाली जटिलताओं को भी कम करता है। साथ ही व्यापक स्तर पर टीकाकरण से सामूहिक प्रतिरक्षा (हर्ड इम्यूनिटी) विकसित होती है जिससे समाज के अन्य लोगों को भी सुरक्षा मिलती है।
इस पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय ने स्वास्थ्य जागरूकता, रोग निवारण तथा सामुदायिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया है। तीसरी खुराक के सफल प्रशासन से लाभार्थियों को अधिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई तथा समय पर टीकाकरण के महत्व को भी बल मिला।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों का नियमित रूप से आयोजन किया जाता रहेगा, जिससे छात्र छात्राओं एवं समाज में जागरूकता को बढ़ावा मिल सके। कार्यक्रम के सफल संचालन में फार्मेसी संकाय के सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का योगदान रहा ।
NAGARIK SATTA
