- ब्लॉक स्तर पर संगठन मजबूत कर रही आरपीआई
- महिला आरक्षण पर कांग्रेस-सपा पर बरसे आठवले, बताया ‘महिला विरोधी’
- दलित-पिछड़ों की आवाज बनने का दावा समाज भवन निर्माण की उठाई मांग
लखनऊ। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया (आ.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. रामदास आठवले ने कहा कि उनकी पार्टी, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया (आ.), उत्तर प्रदेश में ब्लॉक स्तर तक संगठन को मजबूत करने में जुटी है, ताकि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में वह प्रभावी तरीके से जनता की आवाज उठा सके।
उन्होंने बताया कि केंद्र की एनडीए सरकार में उनकी पार्टी एक महत्वपूर्ण घटक दल है। उत्तर प्रदेश में भी भाजपा के साथ गठबंधन के तहत 25 सीटों पर चुनाव लड़ने की उनकी मांग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि यह मांग पूरी नहीं होती है, तो पार्टी अकेले ही विधानसभा चुनाव मैदान में उतरेगी।
महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक के पारित न होने के मुद्दे पर आठवले ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल महिला विरोधी हैं और उन्होंने विधेयक का विरोध कर महिलाओं के विकास में बाधा डाली है।
उन्होंने कहा कि आरपीआई प्रदेश में अति दलित, अति पिछड़े, दबे-कुचले और वंचित वर्गों की आवाज है। उनका आरोप था कि कुछ राजनीतिक दल इन वर्गों के वोट लेकर केवल अपना विकास करते रहे हैं, जबकि इन समुदायों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला।
इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से दलित बाहुल्य गांवों में समाज भवनों का निर्माण कराया जाए और उनके संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय समुदाय के लोगों को सौंपी जाए।
प्रेस वार्ता में मौजूद आरपीआई के प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने कहा कि पार्टी की मांगों से मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता 2027 के चुनाव की तैयारियों में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं और मीडिया से पार्टी गतिविधियों को प्रमुखता से प्रकाशित करने का अनुरोध किया।
NAGARIK SATTA