लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर योगी सरकार की सख्त नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि प्रदेश में मार्च से मई 2026 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जनहानि में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। विभाग द्वारा चलाए गए सघन प्रवर्तन अभियान, ओवरस्पीडिंग के खिलाफ कार्रवाई और यातायात नियमों के उल्लंघन पर अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का यह प्रत्यक्ष परिणाम है।
मंत्री ने बताया कि मार्च 2026 में प्रदेश में 1,876 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 2,008 लोगों की मृत्यु हुई। अप्रैल में दुर्घटनाओं की संख्या घटकर 1,697 और मृतकों की संख्या 1,838 रह गई। वहीं मई में सबसे बड़ा सुधार देखने को मिला, जब दुर्घटनाओं की संख्या घटकर मात्र 1,004 और मृतकों की संख्या 1,111 तक सिमट गई। आंकड़े बताते हैं कि तीन माह के भीतर दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।
दयाशंकर सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया। मोटर यान अधिनियम की धारा-19 के तहत मार्च, अप्रैल और मई में कुल 1,246 चालकों को नोटिस जारी किए गए। इसी अवधि में 797 दोषी चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए, जिनमें मई माह में सर्वाधिक 353 लाइसेंस निलंबित हुए। इसके अलावा गंभीर उल्लंघन और घोर लापरवाही के 20 मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त किए गए।
मंत्री ने कहा कि मई में सर्वाधिक लाइसेंस निलंबन और सघन चेकिंग अभियान का सीधा असर दुर्घटनाओं में आई भारी कमी के रूप में दिखाई दिया है। विभाग की सख्त कार्रवाई ने सड़क पर नियमों के पालन को बढ़ावा दिया और दुर्घटनाओं की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हिट एंड रन मामलों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मार्च में ऐसे 529 मामले सामने आए थे, जो अप्रैल में घटकर 468 और मई में केवल 275 रह गए। तीन माह में कुल 1,272 हिट एंड रन मामले दर्ज किए गए।
परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता आगे भी जारी रहेगी। विभाग भविष्य में भी इसी तरह के कठोर प्रवर्तन अभियान चलाता रहेगा, ताकि दुर्घटनाओं और जनहानि में और कमी लाई जा सके तथा प्रदेश की सड़कों को आमजन के लिए अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
NAGARIK SATTA