-
800 से अधिक किस्मों के आम आकर्षण का केंद्र
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को आम महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने स्टॉल्स का अवलोकन कर आम की 800 से अधिक प्रजातियों के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी तैयारी इस तरह होनी चाहिए कि यूपी के किसानों का आम गुणवत्ता, विश्वास व वैश्विक मानकों पर खरा उतर सके। हमारा लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित न रहे, बल्कि ब्रांडिंग, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग के साथ ही प्रोडक्ट की ट्रेसेबिलिटी व ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन पर भी ध्यान देना होगा। तभी यह एक्सपोर्ट के लिए स्वीकार्य होगा। एक बाग आय के कई मॉडल के रूप में फल उत्पादन, प्रोसेसिंग, टूरिज्म, ऑर्गेनिक उत्पाद, मधुमक्खी पालन, खाद्य उद्योग और एक्सपोर्ट के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ाने का माध्यम बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार के स्तर पर प्लेटफॉर्म मिलता है, शोकेसिंग का अवसर प्राप्त होता है तो यूपी के आम की प्रजातियों का पता चलता है। यहां प्रदेश व देश के अलग-अलग राज्यों से आम की 800 वैरायटी प्रदर्शित हो रही हैं। वाराणसी-गोरखपुर का लंगड़ा, गोरखपुर का गौरजीत, बस्ती का आम्रपाली, मलिहाबाद लखनऊ का दशहरी, बागपत व सहारनपुर के रटौल समेत प्रदेश के अलग-अलग जनपदों व मंडलों में पैदा होने वाली आम की किस्में वहां की माटी की सुगंध व मिठास के जरिए इस महोत्सव में आए हर व्यक्ति को आकर्षित कर रही है और यही यूपी की ताकत है।
सीएम ने मंच पर सम्मानित होने वाले किसानों से उत्पादन के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि एक दिन औद्यानिक फसल से जुड़े किसान से बातचीत हो रही थी। वह प्राकृतिक तरीके से बाग में कीड़ों को नष्ट करने के तरीके बता रहे थे। उनका कहना था कि वह खुद तो इसका उपयोग करते हैं, लेकिन उनके अनुभव को प्लेटफॉर्म न मिलने से अन्य किसानों को व्यापक लाभ नहीं मिल पाता। इसे देखते हुए किसानों को उनके अनुभव साझा करने के लिए अधिक से अधिक प्लेटफॉर्म दिलाने के प्रयास में तेजी लाई जाएगी।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के सहयोग से प्रदेश का उद्यान क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष महोत्सव में 800 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं, जो आम प्रेमियों के साथ-साथ बच्चों और अभिभावकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। महोत्सव का आयोजन तीन स्थानों इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, मलिहाबाद के बागानों तथा जनभवन में किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना तथा उनकी आय बढ़ाने के साथ प्रदेश की बागवानी को नई पहचान देना है।
उद्यान मंत्री ने कहा कि विभाग ने आम की गुणवत्ता सुधारने के लिए पेपर बैग तकनीक, निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड, हाई-टेक नर्सरियों की स्थापना तथा कमल की व्यावसायिक खेती जैसे कई नवाचार किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में हाई-टेक नर्सरियों के माध्यम से वितरित पौधों की संख्या 74 लाख से बढ़कर 29 करोड़ हो गई है।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में रूफ टॉप गार्डनिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे सीमित भूमि वाले शहरों में हरियाली बढ़ेगी, पर्यावरण संरक्षण होगा और कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण में भी सहायता मिलेगी। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना तथा मंडल स्तर पर आयोजित औद्यानिक उन्नयन गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को कम क्षेत्रफल में अधिक लाभ देने वाली फसलों, विशेषकर औषधीय एवं उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उद्यान मंत्री ने बताया कि प्रदेश में मात्र 9 प्रतिशत कृषि भूमि पर होने वाली औद्यानिक खेती से 42 प्रतिशत कृषि उत्पादन मूल्य प्राप्त हो रहा है, जबकि शेष 91 प्रतिशत भूमि पर पारंपरिक कृषि की हिस्सेदारी 58 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के आम सहित अन्य औद्यानिक उत्पाद अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी, रूस, कुवैत, सिंगापुर, मलेशिया, इटली, बेल्जियम, नीदरलैंड, कतर, ओमान, मॉरीशस, नेपाल, थाईलैंड, बहरीन और स्वीडन सहित अनेक देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। आम और शहद उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी है। प्रदेश के शहद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने के लिए काशी शहद ब्रांड विकसित किया गया है। इसके अलावा मखाना, खजूर, कमल, स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट जैसी नई फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उद्यान मंत्री ने कहा कि उद्यान विभाग ने अपने 50 वर्षों के इतिहास में अभूतपूर्व प्रगति की है और विभाग की उपलब्धियों से किसानों के साथ-साथ प्रदेश सरकार का सम्मान भी बढ़ा है।
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुई एक दुखद घटना के मद्देनजर आम महोत्सव के प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। आयोजकों ने इसे भारतीय संस्कृति एवं संवेदनशील परंपरा के अनुरूप लिया गया निर्णय बताया।
NAGARIK SATTA
