लखनऊ। आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश लखनऊ के तत्वावधान में विद्यार्य सभा की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को महात्मा नारायण स्वामी भवन मीराबाई मार्ग लखनऊ स्थित सभा कार्यालय में स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने वैदिक धर्म एवं वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार तथा भावी पीढ़ियों के चरित्र निर्माण के उद्देश्य से प्रदेश भर में अनेक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों की स्थापना की। इन शिक्षण संस्थानों का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को वैदिक संस्कृति श्रेष्ठ संस्कार एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रदान करना था। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा को संगठित सुदृढ़ एवं व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने की है ताकि। वैदिक शिक्षा का प्रकाश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँच सके।
बैठक का संचालन करते हुए आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के उपप्रधान आचार्य पंकज आर्य ने कहा कि सभा प्रदेश के समस्त शिक्षण संस्थानों को एक सूत्र में जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि सभा ने आगामी समय के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है, जिसके अंतर्गत प्रदेशव्यापी जागृति एवं संपर्क यात्राएँ, जिला स्तरीय बैठकें तथा स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी समारोह सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सभा के मंत्री योगेश आर्य ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों एवं अन्य आगंतुक महानुभावों को संबोधित करते हुए आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों की वर्तमान समस्याओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान हेतु सभा द्वारा चरणबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही की जाएगी तथा संस्थानों के विकास के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में शिक्षण संस्थानों के सुदृढ़ीकरण, समन्वय, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, वैदिक संस्कारों के संवर्धन तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस अवसर पर आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के उपकोषाध्यक्ष अखिलेश आर्य, पुस्तकाध्यक्ष आचार्य ज्ञान प्रकाश वैदिक, बलवीर शास्त्री शास्त्री, मुकेश आर्य, आचार्य विमल किशोर, प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य एवं अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
NAGARIK SATTA