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रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर के स्वागत समारोह में बोले मुख्यमंत्री, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और पंचप्रण को बताया विकसित भारत की आधारशिला
बुलंदशहर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सैनिक का पहला धर्म राष्ट्र की रक्षा है। एक सैनिक के लिए देश पहले और परिवार बाद में होता है। इसी भावना के कारण वह माइनस 20 से माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी सीमाओं की सुरक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने के लिए तत्पर रहता है।
मुख्यमंत्री शनिवार को बुलंदशहर स्थित श्रद्धेय रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में आयोजित स्वागत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने वाले संस्थान हैं। यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य है और उन्हें आत्मअनुशासन के साथ राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय रज्जू भैया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें महान वैज्ञानिक, शिक्षाविद् और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रेरणास्रोत नेतृत्वकर्ता के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि रज्जू भैया का जीवन सेवा, सरलता और राष्ट्रसमर्पण का प्रतीक था तथा उनके नाम से संचालित यह संस्थान देश की रक्षा सेवाओं के लिए उत्कृष्ट सैन्य अधिकारी तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पहले सैनिक स्कूल में उनकी सरकार ने बालिकाओं के प्रवेश की शुरुआत कराई थी। उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में भी बेटियों को प्रवेश दिया जाएगा तथा उनके लिए बनने वाले छात्रावास का नाम रज्जू भैया की माताजी के नाम पर रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्या भारती द्वारा स्थापित यह सैनिक विद्यालय इस बात का उदाहरण है कि निजी ट्रस्ट भी सैनिक स्कूलों की स्थापना कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विद्यालय के लिए 32 बीघा भूमि दान करने वाले बाबा राजपाल सिंह के योगदान की भी सराहना की।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘पंचप्रण’ का उल्लेख करते हुए कहा कि गुलामी की मानसिकता का त्याग, विरासत पर गर्व, सामाजिक समरसता, सेना और वर्दीधारी बलों के प्रति सम्मान तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन ही विकसित भारत की मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा कि किसान, व्यापारी, शिक्षक, विद्यार्थी और समाज का प्रत्येक नागरिक यदि ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से अपना दायित्व निभाए तो भारत शीघ्र ही आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनेगा।
मुख्यमंत्री ने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध में पूरी तरह तबाह होने के बावजूद आत्मअनुशासन और मेहनत के बल पर जापान आज विकसित अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने भी उल्लेखनीय प्रगति की है और आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
NAGARIK SATTA