- आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा 50 लाख तक दुर्घटना बीमा,
- ईपीएफ-ईएसआई और मातृत्व अवकाश का मिलेगा लाभ
लखनऊ। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज बुधवार को लोक भवन लखनऊ में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर निगम लोगो का अनावरण, पोर्टल एवं वेबसाइट का शुभारंभ तथा 12 आउटसोर्स कर्मियों को डमी चेक वितरित किए गए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जनप्रतिनिधि, सचिवालय प्रशासन के प्रमुख सचिव मनीष चौहान, उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के एमडी, भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक सहित अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित रहे।
श्री मौर्य ने कहा कि निगम के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। आउटसोर्स कर्मियों को समय पर सीधे वेतन भुगतान की गारंटी के साथ ईपीएफ, ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कर्मियों को 50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा, मातृत्व अवकाश तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा। यूपीसीओसी के माध्यम से आउटसोर्सिंग व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को सुदृढ़ करते हुए युवाओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाओं के जीवन में आर्थिक बदलाव आया है। जब आधी आबादी आर्थिक रूप से सशक्त होगी, तभी देश और प्रदेश विकसित होगा। वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए महिलाओं, युवाओं और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना आवश्यक है। डबल इंजन सरकार इसी विजन को धरातल पर उतारने के लिए दिन-रात कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में उत्तर प्रदेश को भ्रष्टाचार और लूट का अड्डा बना दिया गया था, जबकि आज प्रदेश देश-विदेश के निवेशकों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश स्थल बन चुका है। यह परिवर्तन एक दिन का परिणाम नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निरंतर किए जा रहे विकास कार्यों का परिणाम है।
श्री मौर्य ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, समान अवसर और सुरक्षित रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की स्थापना आउटसोर्स श्रमिकों के अधिकारों को विनियमित एवं संरक्षित करने तथा पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
NAGARIK SATTA