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संसदीय समिति बैठकः विदेश मंत्री का पश्चिम एशिया से रिश्ते मजबूत करने पर जोर

नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में पश्चिम एशिया के साथ भारत के संबंधों पर संसद की परामर्शदात्री समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक में विदेश मंत्री ने खाड़ी और वाना (डब्ल्यूएएनए – पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका) क्षेत्र के साथ भारत के ऐतिहासिक, करीबी और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने सांसदों को इस क्षेत्र में भारत की बढ़ती सक्रियता और दीर्घकालिक प्राथमिकताओं से अवगत कराया।

बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में जारी मौजूदा संघर्षों और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद, भारत इस क्षेत्र के साथ अपने व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी को लगातार आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि क्षेत्र के देश भारत के ऊर्जा और आर्थिक हितों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। व्यापार, निवेश, ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क जैसे क्षेत्रों में भारत की पुरानी रणनीतिक साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है।

डॉ. जयशंकर ने बैठक की तस्वीर ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा पश्चिम एशिया के साथ भारत के संबंधों पर एक सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। खाड़ी और वाना (पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका) क्षेत्र के साथ भारत के करीबी संबंधों पर ज़ोर दिया, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, समुद्री मामलों और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में हमारी पुरानी साझेदारी और सहयोग शामिल है। साथ ही, इस क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के बीच एक करोड़ भारतीयों के कल्याण, ऊर्जा और उर्वरक सुरक्षा सुनिश्चित करने, और व्यापार व कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने की हमारी कोशिशों पर भी ज़ोर दिया।

सलाहकार समिति की इस बैठक से ठीक पहले, विदेश मंत्री ने लक्ज़मबर्ग के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ज़ेवियर बेटेल के साथ एक द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-लक्ज़मबर्ग के बीच व्यापार, निवेश, वित्तीय सहयोग और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और गहरा करने पर विस्तृत चर्चा की। डॉ. जयशंकर ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और व्यवधानों के इस दौर में भारत और लक्ज़मबर्ग जैसे भरोसेमंद देशों के बीच की रणनीतिक साझेदारी और अधिक प्रासंगिक तथा मजबूत हो गई है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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