नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने श्री रामभद्राचार्य जी को भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि श्री रामभद्राचार्य जी ने श्रेष्ठता के प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। आप अनेक प्रतिभाओं से सम्पन्न हैं तथा आपके योगदान बहुआयामी हैं। आपने शारीरिक दृष्टि से बाधित होने के बावजूद अपनी अंतर्दृष्टि, बल्कि दिव्यदृष्टि से साहित्य और समाज की असाधारण सेवा की है।
NAGARIK SATTA