लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने आज विधान भवन में राजस्थान विधान सभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का हार्दिक स्वागत किया। इस अवसर पर श्री महाना ने उन्हें पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर अभिनंदन किया तथा विधान भवन का अवलोकन कराया।
श्री महाना ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की गौरवशाली परंपराओं और संविधान प्रदत्त मूल्यों का प्रतीक है। इसकी स्थापत्य कला, ऐतिहासिक गरिमा और कार्यप्रणाली जनप्रतिनिधियों को सदैव जनता की सेवा एवं राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश विधान सभा की दीर्घ संसदीय परंपराओं, कार्यसंस्कृति और लोकतांत्रिक यात्रा का परिचय कराते हुए कहा कि विधान सभा लोकतंत्र की उस प्रयोगशाला के समान है, जहाँ जनता की आकांक्षाएँ नीतियों और कार्यक्रमों का रूप लेती हैं।
राजस्थान विधान सभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधान भवन की भव्यता और गौरवशाली परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधान सभा की संसदीय कार्यसंस्कृति एवं लोकतांत्रिक यात्रा की गहरी प्रशंसा की।
दोनों अध्यक्षों के बीच संसदीय कार्यप्रणाली, नवाचार और जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ तथा लोकतंत्र को और अधिक जनोन्मुख एवं सशक्त बनाने हेतु सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान की आवश्यकता पर बल दिया गया।
अध्यक्ष श्री महाना ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान विधान सभा के बीच यह संवाद भविष्य में और अधिक प्रगाढ़ होगा तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा।
इस अवसर पर विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
NAGARIK SATTA