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जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन/पेंशन से वसूली का आदेश
आगरा। आगरा शहर में भारत सरकार की बेसिक सर्विसेज टू अर्बन पुअर योजना के तहत निर्मित भवनों में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। इन भवनों का निर्माण कार्य कालिंदी विहार में निर्माण खण्ड-29 आगरा द्वारा कराया गया है।
प्रथम पॉकेट में 360 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर आवंटन किया जा चुका है, लेकिन द्वितीय पॉकेट में बन रहे 272 भवनों की गुणवत्ता में गंभीर खामियां पाई गईं हैं।
द्वितीय पॉकेट में 272 नग निर्माणाधीन भवनों में आरसीसी कॉलमों में क्रैक डेवलप होने के कारण भवनों में स्ट्रक्चर की स्ट्रेंथ का परीक्षण आईआईटी रुड़की से कराया गया।
आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के अनुसार, कई बिल्डिंग ब्लॉक रहने लायक नहीं पाए गए और सामुदायिक केंद्र और कियोस्क अनुपयोगी घोषित किए गए। इस गंभीर अनियमितता के कारण निर्माण कार्य पर हुए खर्च को अनुपयोगी माना गया।
रिपोर्ट के मुताबिक इन अनियमितताओं के कारण ₹5,25,55,589.50 का वित्तीय नुकसान हुआ है। जिसके तहत उत्तरदायी पाए गए सेवारत अभियंताओं के विरुद्ध विभागीय जांच गठित की गई है और सेवानिवृत अधिकारियों को अभ्यावेदन नोटिस जारी की गई है।
इस मामले में जिम्मेदार सेवानिवृत्त कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। तत्कालीन सहायक अभियंता जेपी गर्ग, डीके शर्मा, तत्कालीन अधिशासी अभियंता रोशन लाल आर्य से उक्त वित्तीय क्षति की वसूली सिविल लायबिलिटी के रूप में किए जाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही तत्कालीन सहायक अभियंता संप्रति सेवानिवृत्त सत्येंद्र कुमार पचौरी की पेंशन से वसूल करने के आदेश दिए गए हैं। तत्कालीन सहायक अभियंता संप्रति अधिशासी अभियंता नेहा सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए वित्तीय क्षति की वसूली उनके वेतन से करने के आदेश निर्गत किए गए हैं।
NAGARIK SATTA