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स्टार्टअप व नवाचार को मिली उड़ान
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) का 23वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को आयोजित हुआ। समारोह में कुल 88 मेधावियों को पदक प्रदान किए गए, जिनमें 37 स्वर्ण, 26 रजत और 25 कांस्य पदक शामिल हैं। साथ ही 53,943 छात्रों को डिग्रियां और 86 को पीएचडी उपाधि दी गई। सभी डिग्रियां ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से डिजिलॉकर पर अपलोड की गईं।
सबसे बड़ा सम्मान कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कानपुर की बीटेक (कंप्यूटर साइंस) की छात्रा नैंसी को मिला। उन्हें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से ₹31 हजार का चेक भी प्रदान किया। कमल रानी वरुण स्मृति स्वर्ण पदक गाजियाबाद की उन्नति गौर को प्रदान किया गया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों से कहा कि डिग्री पाना एक उपलब्धि है, लेकिन असली जिम्मेदारी अब शुरू होती है। युवाओं को गांवों के विकास में योगदान देना चाहिए और अपनी सफलता का श्रेय मां को देकर मेडल उन्हें समर्पित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत 2047 के लिए युवाओं से सुझाव मांग रहे हैं और प्रदेश सरकार 20 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बना रही है।
मुख्य अतिथि अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि यह दीक्षांत आपकी यात्रा का लॉन्चपैड है। उन्होंने जीवन के लिए छह मंत्र दिए – धैर्य, लक्ष्य पर ध्यान, लचीलापन, सहयोग, साहस और यात्रा का आनंद लेना।
समारोह में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए छह श्रेणियों में स्टार्टअप अवार्ड भी दिए गए, जिनमें एक्सेसिबिलिटी, एग्रीकल्चर, हेल्थ, सोशल इम्पैक्ट, सस्टेनेबिलिटी, वीमेन-लेड और टेक इनोवेशन शामिल हैं। वहीं तीन शिक्षकों को एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।
विशेष आकर्षण के तौर पर राज्यपाल ने पहाड़पुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास का उद्घाटन किया और गोद लिए गए गांवों के बच्चों को मंच से पुरस्कृत किया। बच्चों की पेंटिंग्स, भाषण और कहानियां भी प्रदर्शित की गईं।
NAGARIK SATTA