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राष्ट्रीय पुस्तक मेले के भव्य समारोह में उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने किया विमोचन
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में चल रहे राष्ट्रीय पुस्तक मेला के अंतर्गत शुक्रवार को एक भव्य एवं साहित्यिक गरिमा से परिपूर्ण समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार श्रीधर अग्निहोत्री की बहुचर्चित पुस्तक ‘अनसुने सितारे’ तथा वरिष्ठ पत्रकार मनीष शुक्ल की विचारोत्तेजक कृति ‘मैं स्वयंसेवक’ का लोकार्पण प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने किया। कार्यक्रम में साहित्य, पत्रकारिता, समाजसेवा और विधि जगत से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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अनसुने सितारेः सिनेमा के भुला दिए गए सितारों को श्रद्धांजलि: बृजेश पाठक
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने ‘अनसुने सितारे’ को भारतीय सिनेमा की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक उन कलाकारों की स्मृतियों को संजोती है जिन्हें समाज ने भुला दिया, लेकिन जिनकी कला ने भारतीय परदे पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए दस्तावेज़ीय महत्व का ग्रंथ बताया जो सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक चेतना को समर्पित है।
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मैं स्वयंसेवकः राष्ट्र निर्माण की जीवंत गाथा: बृजेश पाठक
‘मैं स्वयंसेवक’ पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह कृति वर्तमान समय की सामाजिक-राजनीतिक प्रासंगिकता को दर्शाती है। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके स्वयंसेवकों की भूमिका, राष्ट्र निर्माण की अवधारणा, और आधुनिक भारत की साझी संस्कृति का गंभीरता से विवेचन किया गया है। उन्होंने इसे संघ की वैचारिक यात्रा का जीवंत दस्तावेज़ बताते हुए विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणास्पद बताया। श्री पाठक ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने किशोरावस्था में ही स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। यह प्रसंग स्वयंसेवकों की राष्ट्रनिर्माण यात्रा का जीवंत प्रमाण है।
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अन्य वक्ताओं ने भी व्यक्त किए विचार दी शुभकामनाएँ
हेमंत तिवारी, अध्यक्ष, राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति, गिरीश चंद्र मिश्र, उपाध्यक्ष, ललित कला अकादमी, चंद्र भूषण सिंह, फिल्म लेखक व निर्देशक सहित सभी वक्ताओं ने दोनों लेखकों के प्रयासों को साहित्य, समाज और राष्ट्र के लिए उल्लेखनीय योगदान बताया।
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स्वागत, आभार एवं मंच संचालन
कार्यक्रम का शुभारंभ मनीष शुक्ल द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुआ। श्रीधर अग्निहोत्री ने सभी का आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन शिखा मल्होत्रा ने दक्षता के साथ किया।
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गरिमामयी उपस्थितिः साहित्य एवं पत्रकारिता जगत का संगम
समारोह में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों से आए पत्रकारिता, साहित्य एवं कला जगत के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रमुख नामों में शामिल हैंरू
भारत सिंह, अविनाश चंद्र मिश्र, विजय त्रिपाठी, विजय शंकर पंकज, राजीव तिवारी ‘बाबा’, शाश्वत तिवारी, मनीष श्रीवास्तव, रज़ा रिज़वी, मुकुल मिश्र, नवेद शिकोह, योगेश श्रीवास्तव, विनीत गुप्ता, देश दीपक त्रिपाठी, अभिनव सिन्हा, नीरज श्रीवास्तव, अभिषेक रंजन, विमल पाठक, पद्माकर पाण्डेय और दिनेश शर्मा।
यह कार्यक्रम केवल दो पुस्तकों का विमोचन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, वैचारिक और सामाजिक चेतना के पुनर्जागरण का मंच था। जहां एक ओर ‘अनसुने सितारे’ ने सिनेमा के खोए चेहरों को उजागर किया, वहीं ‘मैं स्वयंसेवक’ ने विचारधारा और कर्म की शक्ति का चित्रण प्रस्तुत किया।
NAGARIK SATTA
