-
मिशन शक्ति से मिली प्रेरणा, तालाब से बदली जिंदगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति ने महिलाओं की दिशा और दशा बदल दी है अब वे घर की वयवस्था सम्हालने के साथ साथ समाज और अर्थव्यवस्था की धुरी बन रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का जो आधार दिया है, उसी का परिणाम है जौनपुर जिले की शाहगंज तहसील के सुइथाकला विकास खंड के ग्राम बुढ़ूपुर की मीरा सिंह की सफलता। कभी सीमित संसाधनों में जीवन यापन करने वाली मीरा सिंह ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में ऐसा मुकाम बनाया है, जो न केवल उनके परिवार की तकदीर बदल रहा है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
-
योगी सरकार की अनुदान राशि और प्रशिक्षण बना वरदान
मीरा सिंह का सफर साधारण ग्रामीण महिला से सशक्त उद्यमी तक का प्रेरणादायक किस्सा है। योगी सरकार की ‘नीली क्रांति’ और मिशन शक्ति की योजनाओं ने मीरा को 15 लाख रुपये के अनुदान और वैज्ञानिक प्रशिक्षण से सशक्त किया, जो आज 1400 कुंतल वार्षिक उत्पादन के साथ 10 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। 2020 में, जब उन्होंने पति जैनेंद्र सिंह के साथ मत्स्य पालन शुरू किया, तो प्रति हेक्टेयर उत्पादन महज 20 कुंतल था। योगी सरकार की मत्स्य बीज हैचरी योजना ने उन्हें 15 लाख रुपये का अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन दिया।
मीरा सिंह कहती हैं कि पहले हमने एक एकड़ में प्रयोग किया। सरकार की मदद से सीखा कि वैज्ञानिक तरीके से कैसे उत्पादन बढ़ाया जाए। योगी सरकार ने हमें बीज, तकनीक और बाजार से जोड़ा। इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा। आज 25 एकड़ में 1400 कुंतल मछली पैदा होती है। इसमें 1250 कुंतल पंगेशियस, 60-60 कुंतल रोहू और भाकुर, 30 कुंतल मृगल शामिल है। वो कहती हैं कि हम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं। योगी सरकार की मदद से हम सुरक्षित और सम्मानित जीवन जी रहे हैं।
मीरा की सफलता महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का प्रतीक है। मीरा सिंह गर्व से कहती हैं कि मिशन शक्ति ने हमें आत्मरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता सिखाई। पति का साथ मिला, लेकिन सरकार की योजनाओं ने हमें सशक्त बनाया। आज वो अपने तालाबों से मछली और बीज की आपूर्ति आसपास के गांवों में करती हैं, जिससे स्थानीय किसानों को लाभ हुआ। 10 से अधिक लोगों को रोजगार देकर मीरा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। मिशन शक्ति के तहत उन्हें प्रशिक्षण और संसाधन मिले, जो महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक रहे।
NAGARIK SATTA
