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KMC भाषा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

  • डिजिलॉकर में समाहित हुई सभी उपाधियाँ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय का दसवां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को उपाधियाँ एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया।

समारोह में राज्यपाल ने जनपद बहराइच के 250 आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने हेतु संसाधन किट एवं हेल्थ किट वितरित कीं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग 50 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधा संपन्न बनाया जा चुका है, जिससे बच्चों को स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर संसाधन मिल रहे हैं।

राज्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रेरित किया कि वे बच्चों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सीखने की प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए प्रदान की गई सुविधाओं का पूर्ण उपयोग करें। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगी।

  • डिजिटल सुविधा की दिशा में बड़ा कदम

राज्यपाल ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 की सभी उपाधियाँ और अंक प्रमाण पत्र डिजिलॉकर में समाहित कर दिए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को डिजिटल सुविधा मिलेगी और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया।

समारोह के दौरान भाषण प्रतियोगिता के विजेता छात्र ने “विकसित भारत” विषय पर प्रेरक प्रस्तुति दी, वहीं स्कूली बच्चों ने पर्यावरण विषयक गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

राज्यपाल ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में नव-निर्मित भवनों एवं सुविधाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया, साथ ही शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने कार्यकलापों का केंद्र बनाना चाहिए।

  • गोद लिए गाँवों के बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मान

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गाँवों में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए। साथ ही चयनित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी सम्मानित किया।

उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और विद्यालय प्रधानाचार्यों को राजभवन की पुस्तकें भेंट कीं, ताकि विद्यालयों में पढ़ने की संस्कृति को प्रोत्साहन मिल सके।

  • दीक्षांत समारोह, विश्वविद्यालय की गौरवशाली यात्रा का पड़ाव

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह संस्था की शैक्षणिक यात्रा का उज्ज्वल पड़ाव है। यह दिन विश्वविद्यालय के लिए गौरव का और विद्यार्थियों के लिए जीवन का अविस्मरणीय क्षण होता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस समारोह में प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, निर्देशक, कवि एवं सामाजिक चिंतक पद्मश्री मुज़फ़्फ़र अली की उपस्थिति प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि मुज़फ़्फ़र अली ने भारतीय सिनेमा को संवेदना, संस्कृति और समाज का जीवंत दस्तावेज बनाया है।

  • बेटियाँ फिर रहीं आगे

राज्यपाल ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष के दीक्षांत समारोह में भी बेटियों ने सर्वाधिक उपाधियाँ और स्वर्ण पदक अर्जित किए हैं। उन्होंने कहा कि बेटियाँ आज हर क्षेत्र में अग्रणी हैं और परिवार व राष्ट्र निर्माण में समान भूमिका निभा रही हैं। यह समावेशी विकास और सामाजिक संतुलन का प्रतीक है।

  • अध्यापक समाज के निर्माता: रजनी तिवारी

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि जिस प्रकार एक कुंभकार घड़े को आकार देता है, उसी प्रकार अध्यापक बच्चों के भविष्य को आकार देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और परिवार, समाज एवं राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा दी।

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