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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गाजियाबाद में यशोदा मेडिसिटी का किया उद्घाटन
गाजियाबाद, 26 अक्टूबर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को गाजियाबाद के इंदिरापुरम में यशोदा मेडिसिटी का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान के आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे और जनसेवा की भावना की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि देशवासियों को निष्ठा के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले संस्थानों में आकर उन्हें गर्व और खुशी दोनों का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि यशोदा मेडिसिटी ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को पूरी निष्ठा के साथ अपनाया है। कोविड महामारी के दौरान इस संस्थान ने बड़ी संख्या में लोगों का उपचार किया और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत भी उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने बताया कि ‘सिस्टम फॉर टीबी एलिमिनेशन इन प्राइवेट सेक्टर (स्टेप्स)’ के तहत उत्तर भारत का पहला केंद्र यशोदा मेडिसिटी को बनाया गया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि यह संस्थान सिकल सेल एनीमिया जैसी जनजातीय क्षेत्रों में होने वाली बीमारियों पर विशेष रूप से काम कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यशोदा मेडिसिटी इस दिशा में और अधिक योगदान देगी। अस्पताल के चेयरमैन और एमडी डॉ. पी.एन. अरोड़ा के प्रयासों की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने सेल्फ मेड हेल्थकेयर मिशन के तहत एक विश्वस्तरीय संस्थान स्थापित किया है, जो समाज सेवा और राष्ट्र सेवा को प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल को अपनी माता यशोदा जी के नाम पर रखना भारतीय संस्कारों और स्वदेशी भावना का उदाहरण है।
राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि यशोदा मेडिसिटी आईआईटी बॉम्बे जैसे संस्थानों के साथ मिलकर कैंसर की जीन थैरेपी जैसी स्वदेशी तकनीकों को अपनाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा राष्ट्र निर्माण का अभिन्न अंग है और सरकार इस दिशा में निरंतर काम कर रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि निजी क्षेत्र के अच्छे स्वास्थ्य संस्थान देश के लिए अमूल्य योगदान दे सकते हैं। मेडिकल रिस्पॉन्सिबिलिटी के साथ सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी निभाना इन संस्थानों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ पीएन अरोड़ा, सीईओ डॉ उपासना अरोड़ा सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
NAGARIK SATTA