विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के समिति कक्ष में प्राक्कलन समिति, महिला एवं बाल विकास संबंधी समिति, आश्वासन समिति, प्रतिनिहित विधायन समिति तथा संसदीय अनुश्रवण समिति की बैठकों का विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने आज शुभारंभ किया।
सतीश महाना ने कहा कि किसी भी दल से हों, लक्ष्य सबका एक होना चाहिए, जनसेवा और जनता के विश्वास की रक्षा। उन्होंने आगे कहा कि समितियां विधायिका का अभिन्न हिस्सा हैं, जो कार्यपालिका की जवाबदेही सुनिश्चित करती हैं। ये समितियां विधायिका की शक्ति का प्रतीक हैं और लोकतंत्र के सुचारू संचालन में इनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विधानसभा समितियां मिनी विधानसभा की तरह कार्य करती हैं और सरकार की विश्वसनीयता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि हम सभी संविधान से बंधे हुए हैं, विधायिका का सम्मान बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। जो जितने बड़े पद पर होता है, उसे उतनी ही आलोचना सहने की क्षमता रखनी चाहिए। समय के साथ विधायिका की कई शक्तियां कार्यपालिका को हस्तांतरित हो गई हैं, इसलिए अब जरूरत है कि हम अपने अधिकारों और दायित्वों को फिर से सशक्त करें।
प्राक्कलन समिति के सभापति मुकेश चौधरी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष महाना जी से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। विधानसभा के लिए उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने सभी को सम्मान दिया है और सदन की गरिमा को बढ़ाया है। न जाने कितने अध्यक्ष आए, लेकिन महाना जी जैसा कोई नहीं।
महिला एवं बाल विकास संबंधी समिति की सभापति कृष्णा पासवान ने कहा कि जब से अध्यक्ष बने हैं, सभी सदस्यों का मान-सम्मान बढ़ा है। उन्होंने अध्यक्ष महाना का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।
आश्वासन समिति के सभापति राजपाल बालियान ने कहा कि अध्यक्ष जी के मार्गदर्शन से समिति अपने कार्यों का कुशल संचालन कर पा रही है।
प्रतिनिहित विधान समिति के सभापति राजीव सिंह बब्बू भैया ने कहा कि अध्यक्ष जी के दिशा-निर्देशन से उन्हें हमेशा प्रेरणा मिलती रही है।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के सभापतित्व में अनुश्रवण समिति की बैठक में सदस्य अभय सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि विधानसभा की कार्यप्रणाली में आज भी जनता के विश्वास और जवाबदेही का आभास होता है।
NAGARIK SATTA