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अर्न्तराष्ट्रीय शैक्षिक सम्मेलन का तीसरा दिन
लखनऊ, 28 नवम्बर। सिटी इन्टरनेशनल स्कूल की संस्थापिका डॉ0 सुनीता गाँधी का कहना है कि प्रत्येक बच्चे में असीमित क्षमताएँ हैं जिनको विकसित किया जा सकता है जिससे वह धरती का प्रकाश बन सकता है। इसके लिये हमें षिक्षा में सकारात्मक परिवर्तन करना होगा व उसे सही पथ दिखाना है। यह पथ का अर्थ राह से तो है ही, साथ ही में यदि अंग्रेजी शब्द पथ को देखा जाए तो इसमें सही शिक्षा देने का तरीका छिपा है। पी यानि पावलफुल (उद्देश्यपूर्ण), ए यानि एक्टिव (सक्रिय), टी यानि ट्रांसफार्मेटिव (बदलाव लाने वाली) व एच यानि होस्टिक (सम्पूर्ण) शिक्षा।
डॉ0 सुनीता गाँधी अपनी संस्था ग्लोबल ऐजुकेषन एण्ड ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट द्वारा आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय ग्लोबल ऐजुकेषन सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। यह सम्मेलन सिटी माण्टेसरी स्कूल, कानपुर रोड के विशाल ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है। शुक्रवार को इस चार दिवसीय सम्मेलन का तीसरा दिन था। इसमें देश विदेश के लगभग 800 लोग भाग ले रहे हैं।
ज्ञातत्व हो कि डॉ0 सुनीता गाँधी की अल्फ़ा शिक्षा पद्धति ने आजकल स्कूलों में धूम मचा रखी है। इसमें बच्चों को एक दूसरे से सीखने व 45 दिनों में अंग्रेजी हिन्दी का अखबार और बेसिक साक्षरता व अंकों का जोड़ घटाना गुणा भाग करना सिखा दिया जाता है। आगे चलकर ये छात्र तेज़ी से आगे बढ़ सकते हैं व विश्व को जगमगाती रोशनी प्रदान करते हैं।
NAGARIK SATTA