लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के कंप्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित “Cyber Security” Day कार्यक्रम में “Think Before You Click: Promoting Cybersecurity Awareness And Vigilance” विषय पर एक Workshop का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन विभाग के विषय प्रभारी एवं कार्यक्रम के Convener डॉ. मजहर खालिक द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज का समय डिजिटल क्रांति का है, और ऐसे में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि हर नागरिक की व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा है। डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता (Resource Person) पार्थसारथी डे, साइबर सुरक्षा प्रिंसिपल सॉल्यूशन आर्किटेक्ट, डिजीपोडियम, लखनऊ, द्वारा साइबर सुरक्षा की मूल बातें, व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और डिजिटल स्वच्छता,फ़िशिंग, डिजिटल गिरफ्तारी और ऑनलाइन धोखाधड़ी , किसी साइबर हमले या धोखाधड़ी के बाद क्या करें,अपने भविष्य को सुरक्षित करना: साइबर सुरक्षा में करियर के अवसर के अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक एवं सतर्क रहने का संदेश देते हुए उदाहरणों और वास्तविक घटनाओं के माध्यम से साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए।
इस कार्यक्रम के Co-Convener डॉ. रज़ा अब्बास हैदरी ने कहा कि साइबर सुरक्षा शिक्षा को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में प्राथमिकता देने की आवश्यकता है, ताकि युवा तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ-साथ डिजिटल खतरों से निपटने के लिए भी तैयार हों। इस Workshop में विभाग के सभी शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया तथा साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रश्न पूछे। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना एवं उन्हें सुरक्षित साइबर नागरिक बनाने की दिशा में प्रेरित करना है।
NAGARIK SATTA