-
वैश्विक निवेशकों के साथ सहभागिता से उत्तर प्रदेश सरकार ने सतत औद्योगिक विकास को दिया बढ़ावा
-
सिंगापुर के साथ हुई रणनीतिक बैठकों से उत्तर प्रदेश के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एवं कार्यबल के विकास को मिली मजबूती
सिंगापुर। इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी के नेतृत्त्व में प्रतिनिधिमंडल द्वारा सिंगापुर में अंतर्राष्ट्रीय आउटरीच को जारी रखते हुए उत्तर प्रदेश की विकास गति को तेज करने के लिए पहल की। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास, सतत् विनिर्माण और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा देना था, साथ ही मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल अभियान पर जोर देना भी शामिल था। वैश्विक उद्योगपतियों के साथ केन्द्रित संवाद के माध्यम से इन्वेस्ट यूपी ने राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराया कि वह भविष्य के लिए कार्यबल को तैयार करने और उच्च गुणवत्ता वाले औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है।
इस यात्रा के दौरान इन्वेस्ट यूपी ने अपने कौशल कनेक्ट सेल की भूमिका से अवगत कराया, जो एक विशेष मैकेनिज़्म है और उद्योग की आवश्यकताओं को मांग-आधारित कौशल विकास के साथ जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह सेल युवा प्रतिभाओं को उभरते क्षेत्रों में भाग लेने का अवसर प्रदान करते हुए कस्टमाइज्ड ट्रेंनिंग प्रोग्राम, अप्रेंटिसशिप और ग्रीन-जॉब के अवसर उपलब्ध कराता है, साथ ही स्थानीय उद्यमों और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का भी समर्थन करता है।
इस पहल के अंतर्गत इन्वेस्ट यूपी टीम की सिंगापुर स्थित ब्रांड आईपीएसई आईपीएसई आईपीएसयूएम के साथ बैठक हुई जो मुरादाबाद में फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग इकाई संचालित करता है। संस्थापक सौरभ मंगला के साथ चर्चा के दौरान कंपनी ने अपनी मौजूदा इकाई का विस्तार करने में रुचि व्यक्त की। आईपीएसई आईपीएसई आईपीएसयूएम सिंगापुर की उन्नत डिज़ाइन नवाचार तकनीक को उत्तर प्रदेश की शिल्प कौशल के साथ मिलाकर, वैश्विक बाजारों के लिए टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाला फर्नीचर तैयार करता है। रिक्लेमड वुड और पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों का उपयोग करते हुए व्यावसायिक उत्पादन की ओर कंपनी की यह पहल उत्तर प्रदेश की उत्तरदायी और लो-इम्पैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के दृष्टिकोण को दर्शाती है। प्रस्तावित विस्तार से रोजगार के सृजन के साथ-साथ कारीगरों और कर्मचारियों को उन्नत कौशल प्रदान करने की उम्मीद है।
एक अन्य बैठक में, इन्वेस्ट यूपी की सिंगापुर डेस्क ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में एक आधुनिक पैकेजिंग इकाई स्थापित करने के सम्बन्ध में यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के प्रबन्ध निदेशक प्रणय मुखर्जी के साथ उच्च स्तरीय वार्ता की। यह प्रस्तावित परियोजना खाद्य प्रसंस्करण, कंज्यूमर गुड्स और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन्स को मजबूत करने की राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप है। साथ ही, इससे क्षेत्र में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होने की भी संभावना है।
इन्वेस्ट यूपी की टीम ने निवेशकों को उत्तर प्रदेश के मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र से भी अवगत कराया, जो उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति और निवेशक-अनुकूल एफडीआई रूपरेखा द्वारा समर्थित है। इन नीतियों में पूंजी सहायता, स्टाम्प ड्यूटी में छूट, विद्युत शुल्क में छूट तथा सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी विभिन्न प्रोत्साहन सुविधाएँ शामिल हैं। राज्य के विकसित होते इंडस्ट्रियल हब, मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और कुशल जनशक्ति की उपलब्धता उसे वैश्विक निवेशकों के लिए और भी आकर्षक बनाती है।
सिंगापुर के साथ हुए इन संवादों से यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश उच्च-गुणवत्ता वाले निवेश आकर्षित करने, सतत औद्योगिक प्रथाओं को बढ़ावा देने और राज्य के तीव्र आर्थिक परिवर्तन का समर्थन करने में सक्षम कुशल जनशक्ति तैयार करने की एक सक्रिय रणनीति पर कार्य कर रहा है। यह सहयोगात्मक प्रयास भविष्योन्मुख प्रतिभा विकसित करने, सतत विनिर्माण क्षमता को सुदृढ़ करने तथा उत्तर प्रदेश को नवाचार और निवेश का वैश्विक केंद्र बनाने के राज्य के संकल्प को और मजबूत करता है।
NAGARIK SATTA