लखनऊ, 15 दिसंबर। उत्तर प्रदेश सरकार ने पम्प्ड स्टोरेज पावर (पीएसपी) परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए जल एवं भूमि आवंटन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने की। इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में आयोजित इस बैठक का उद्देश्य स्वीकृत पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं के सुचारु कार्यान्वयन में आ रही नियामकीय एवं प्रक्रियात्मक बाधाओं का समाधान करना था। ये परियोजनाएं राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।
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अंतर्राज्यीय जल आवंटन पर चर्चा
बैठक में विशेष रूप से अंतर्राज्यीय सोन नदी पर प्रस्तावित पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं के लिए जल आवंटन के विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। औद्योगिक विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से होकर प्रवाहित होने वाली नदियों में उत्तर प्रदेश के निर्धारित हिस्से के अनुरूप जल पुनर्भरण से जुड़े सभी मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जल उपलब्धता एवं परियोजना आवश्यकताओं का समग्र आकलन पहले ही किया जा चुका है, जिसमें वर्तमान एवं भविष्य की प्रतिबद्ध मांगों को सम्मिलित किया गया है। बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि भावी परियोजनाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संबंधित बेसिन राज्यों के साथ समन्वय बनाते हुए स्थापित अंतर्राज्यीय जल-वितरण व्यवस्था का पालन किया जाए।
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भूमि आवंटन से जुड़े मुद्दों पर निर्देश
बैठक के एक अन्य प्रमुख एजेंडे में वन एवं राजस्व अभिलेखों से संबंधित भूमि मामलों पर विचार किया गया। दीपक कुमार ने वन एवं राजस्व विभागों को आपसी समन्वय के साथ परामर्श बैठकें आयोजित करने तथा पीएसपी परियोजनाओं हेतु भूमि आवंटन की प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने परियोजना डेवलपर्स को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार भूमि से जुड़े प्रकरणों के त्वरित समाधान के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। राजस्व, वन एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वित प्रयासों को और सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे भूमि अभिलेखों में स्पष्टता लाई जा सके और परियोजना समय-सीमा पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके।
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10 परियोजनाओं को मिल चुकी है सैद्धांतिक स्वीकृति
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा अब तक 10 पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इन परियोजनाओं के डेवलपर्स में ग्रीनको समूह, टोरेंट पावर, जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी, एसीएमई क्लीनटेक सॉल्यूशंस, अवादा वॉटर बैटरी प्राइवेट लिमिटेड, झरिया प्राइवेट लिमिटेड, अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड तथा टीएचडीसी शामिल हैं। इनमें से अधिकांश परियोजनाएं सोन नदी पर आधारित हैं।
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विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख परियोजना डेवलपर्स के प्रतिनिधियों के साथ-साथ इन्वेस्ट यूपी के वरिष्ठ अधिकारी—अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा एवं शशांक चौधरी—राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा बिहार एवं मध्य प्रदेश सरकारों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
बैठक के समापन पर औद्योगिक विकास आयुक्त ने सभी हितधारकों को आश्वस्त किया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा, जिससे पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
NAGARIK SATTA