लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने विश्वसतरैया प्रेक्षागृह में आयोजित भव्य एवं गरिमामय समारोह में प्रसिद्ध लेखक डॉ. शीलवंत सिंह की पुस्तक गतिमान उत्तर प्रदेश “योगी सरकार के बेमिसाल 8 साल” का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अपने ओजस्वी एवं विचारोत्तेजक संबोधन में पुस्तक की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक परिवर्तन और भावनात्मक पक्ष का भी संतुलित एवं सशक्त चित्रण किया गया है। श्री महाना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वर्गों तक विकास की रोशनी पहुँचाने का कार्य किया है, जिन्हें लंबे समय तक उपेक्षित रखा गया था। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की आम जनता भी अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर संवाद कर रही है, जो सकारात्मक सामाजिक चेतना का प्रतीक है।
श्री महाना ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश की पहचान को लेकर लोगों में संकोच की भावना थी, जबकि आज प्रदेश का नागरिक होने पर गर्व का अनुभव होता है। वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश में बेटियाँ सुरक्षित हैं, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और प्रदेश औद्योगिक विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि बिगड़ी कानून-व्यवस्था और अराजकता की पुरानी धारणा में व्यापक परिवर्तन आया है तथा प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में विकास स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। श्री महाना ने कहा कि बिजली, सड़क, पानी, सुरक्षा एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में व्यापक प्रगति हुई है। अयोध्या, काशी और प्रयागराज जैसे धार्मिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक परिवर्तन के साथ-साथ धार्मिक आयोजनों का सुव्यवस्थित एवं सुचारू प्रबंधन सरकार की कार्यकुशलता और संवेदनशील प्रशासन का परिचायक है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश को ऐसा नेतृत्व प्राप्त हुआ है, जिसने लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त करने के साथ-साथ उनका संरक्षण भी सुनिश्चित किया है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप कुमार दुबे तथा विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष महत्व प्रदान किया। इसके अलावा इस कार्यक्रम में साहित्य, राजनीति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक, लेखक एवं बुद्धिजीवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
NAGARIK SATTA
