लखनऊ। शीतकालीन सत्र के पहले दिन उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक सुधाकर सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री एवं नेता सदन योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी जानकारी
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सदस्य सुधाकर सिंह का 20 नवंबर को 67 वर्ष की आयु में असामयिक निधन हो गया।
उन्होंने कहा कि सुधाकर सिंह वर्ष 1996 से 2012 तक तथा 2023 के उपचुनाव में निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचे थे। वे अपने क्षेत्र के लोकप्रिय जननेता थे और उन्होंने अपना पूरा राजनीतिक जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों की लड़ाई में समर्पित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के प्रचार-प्रसार में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। जनता के हितों के लिए संघर्ष करते हुए उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा और वे लोकतंत्र सेनानी के रूप में राजनीतिक बंदी भी रहे। उनके निधन से प्रदेश और सदन को अपूरणीय क्षति हुई है।
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नेता प्रतिपक्ष और अन्य दलों ने दी श्रद्धांजलि
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि सुधाकर सिंह ने अपने पूरे राजनीतिक और सामाजिक जीवन में अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया। उनके आवास और कार्यालय पर हमेशा पीड़ितों और वंचितों की भीड़ लगी रहती थी। वे तीन बार विधानसभा सदस्य रहे और 2023 के उपचुनाव में भारी मतों से विजयी हुए। उनके निधन से समाजवादी पार्टी और सदन को अपूरणीय क्षति हुई है।
अपना दल (एस) के सदस्य रामनिवास वर्मा ने उन्हें जमीनी और संघर्षशील नेता बताते हुए कहा कि वे विधानसभा में जनता की सशक्त आवाज थे।
राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता मदन भैया ने कहा कि वे अपने दायित्वों के प्रति सदैव सजग रहते थे और क्षेत्र में उनके कार्यों से उनकी विशेष पहचान बनी।
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विभिन्न दलों ने जताया शोक
सुभासपा के वरिष्ठ सदस्य बेदीराम ने इसे प्रदेश के लिए अपूरणीय सामाजिक-राजनीतिक क्षति बताया।
निषाद पार्टी के विधानमंडल दल के नेता एवं कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि उनमें राजनीति के साथ समाजसेवा की गहरी भावना थी।
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने उनके निधन को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों पर उन्हें कई बार पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
लोकतांत्रिक जनसत्ता दल के नेता रघुराज प्रताप सिंह ने उन्हें जुझारू जननेता बताया, जबकि बसपा के उमाशंकर सिंह ने उनके साथ अपने आत्मीय संबंधों को याद करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया।
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विधानसभा अध्यक्ष का वक्तव्य
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि सुधाकर सिंह इस सदन के वरिष्ठ सदस्य होने के साथ-साथ कुशल राजनीतिज्ञ और कर्मठ समाजसेवी थे। उनके असामयिक निधन से पूरा सदन शोकाकुल है। इसके पश्चात सदन में दो मिनट का मौन रखा गया और विधानसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
NAGARIK SATTA