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तीन वर्षों से ऑनलाइन टैरो मार्गदर्शन दे रहीं लखनऊ की स्वस्ति
लखनऊ निवासी टैरो रीडर स्वस्ति पिछले तीन वर्षों से ऑनलाइन माध्यम के जरिए देश-प्रदेश के लोगों को टैरो के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं। उनका मानना है कि टैरो भविष्य बताने से अधिक जीवन को सही दिशा देने का साधन है। स्वस्ति विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के लोगों को इस विधा के प्रति जागरूक करना चाहती हैं, ताकि इसे अंधविश्वास नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और मार्गदर्शन की एक प्राचीन भारतीय परंपरा के रूप में समझा जा सके। इसी संदर्भ में उनसे यह विशेष बातचीत की गई।
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प्रश्न : टैरो रीडिंग के क्षेत्र में आने की प्रेरणा आपको कैसे मिली और पिछले तीन वर्षों का आपका अनुभव कैसा रहा?
उत्तर: टैरो मेरे लिए बचपन से ही एक आकर्षक और रहस्यमय विषय रहा है। जैसे-जैसे मैं बड़ी हुई, मैंने आध्यात्मिक पुस्तकों के माध्यम से अपनी जीवन की परेशानियों के उत्तर खोजने शुरू किए। शायद यही कारण रहा कि मेरा रुझान टैरो की ओर बढ़ा।
पिछले कई वर्षों से मैं विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर टैरो कोच के रूप में लोगों का मार्गदर्शन कर रही हूं। इस दौरान मैंने महसूस किया कि टैरो हमारे जीवन में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और लोगों को सही दिशा दिखाने में सहायक होता है।
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प्रश्न : लखनऊ में रहते हुए आप ऑनलाइन माध्यम से लोगों की समस्याएँ सुनती हैं। यह प्रक्रिया आम लोगों के लिए कैसे उपयोगी है?
उत्तर: टैरो कार्ड रीडिंग और गाइडेंस हर व्यक्ति के लिए उपयोगी है। यह जीवन के हर पहलू को दर्शाता है—चाहे वह शिक्षा हो, करियर, आर्थिक स्थिति या फिर रिश्तों से जुड़ी समस्याएँ। ऑनलाइन माध्यम से लोग बिना झिझक अपनी बात साझा कर पाते हैं।
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प्रश्न : आमतौर पर लोग किन विषयों को लेकर आपसे संपर्क करते हैं—जैसे करियर, विवाह, प्रेम-संबंध या मानसिक तनाव?
उत्तर: एक टैरो कोच के रूप में मैं हर विषय पर लोगों का मार्गदर्शन करती हूं। इसमें करियर, प्रेम संबंध, मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य, कॉर्पोरेट मीटिंग्स, पेमेंट्स और व्यावसायिक निर्णय जैसे विषय शामिल होते हैं। टैरो के माध्यम से सामने वाले व्यक्ति की ऊर्जा को समझने में भी मदद मिलती है।
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प्रश्न : टैरो रीडिंग को लेकर समाज में कई तरह की धारणाएँ हैं। आपके अनुसार इसे भविष्य बताने की विधा कहना उचित है या मार्गदर्शन का माध्यम?
उत्तर: टैरो रीडिंग को भविष्य बताने की विधा से अधिक एक मार्गदर्शन का माध्यम कहना उचित होगा। जब कोई व्यक्ति जीवन में भ्रम या असमंजस की स्थिति में होता है, तब टैरो से उसे स्पष्टता मिलती है। इसके लिए यह जरूरी है कि व्यक्ति किसी अनुभवी और योग्य टैरो कोच से ही सलाह ले।
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प्रश्न : उत्तर प्रदेश में टैरो रीडिंग को लेकर लोगों के बीच किस तरह की भ्रांतियाँ या संकोच देखने को मिलते हैं?
उत्तर: टैरो रीडिंग को लेकर अभी समाज में पर्याप्त जागरूकता नहीं है। कई लोग मानते हैं कि यह विद्या मिस्र या चीन से आई है, जबकि ऐसा नहीं है। यह विद्या विदेशी नहीं, बल्कि हमारे देश की प्राचीन ज्ञान परंपरा से जुड़ी हुई है।
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प्रश्न : आप उत्तर प्रदेश के लोगों को टैरो रीडिंग के प्रति किस उद्देश्य से जागरूक करना चाहती हैं?
उत्तर: मैं मूल रूप से उत्तर प्रदेश से हूं और इसे अपनी नैतिक जिम्मेदारी मानती हूं कि यहां के अधिक से अधिक लोगों को इस विधा के बारे में जागरूक करूं। टैरो के माध्यम से बच्चों के करियर, किसी व्यक्ति की प्रवृत्ति, व्यापार की संभावनाएँ और रिश्तों के भविष्य को समझने में सहायता मिलती है।
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प्रश्न : ऑनलाइन परामर्श के दौरान लोगों की निजी जानकारी और गोपनीयता को आप किस प्रकार सुरक्षित रखती हैं?
उत्तर: एक टैरो हीलर होने के नाते क्लाइंट की गोपनीयता बनाए रखना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। किसी भी क्लाइंट की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
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प्रश्न : क्या टैरो रीडिंग लोगों को मानसिक शांति और सही निर्णय लेने में सहयोग करती है? कोई अनुभव साझा करना चाहेंगी?
उत्तर: टैरो रीडिंग केवल कार्ड पढ़ना नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ने की प्रक्रिया है। जब हम इस दिव्य ऊर्जा से जुड़ते हैं, तो भ्रमित व्यक्ति को स्पष्टता मिलती है।
कई बार लोग अपनी आदतों और सोच के कारण स्वयं ही परेशानियाँ पैदा कर लेते हैं। टैरो से यह भी स्पष्ट होता है कि व्यक्ति को अपने व्यवहार या विचारों में क्या बदलाव करने की आवश्यकता है, जिससे मानसिक शांति मिलती है।
ऐसे कई अनुभव हैं, लेकिन एक अनुभव यह रहा कि एक महिला क्लाइंट ने अपनी नौकरानी के लिए टैरो रीडिंग करवाई, जो घर में चोरी करती थी और घर छोड़कर नहीं जा रही थी। उस स्थिति को समझने में टैरो से मदद मिली।
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प्रश्न : युवाओं और महिलाओं के लिए आपका क्या संदेश है, जो जीवन में अनिश्चितता या तनाव से गुजर रहे हैं?
उत्तर: जो युवा और महिलाएं तनाव से गुजर रही हैं, उनसे मेरा कहना है कि वे कुछ समय ठहरें, शांत मन से बैठें और कागज-कलम लेकर अपने जीवन के उद्देश्य लिखें। यह भी लिखें कि उन उद्देश्यों को पाने के लिए आपने क्या प्रयास किए हैं। प्रतिदिन 10 मिनट डायरी लिखने की आदत डालें।
सुबह ईश्वर को उन सभी चीजों के लिए धन्यवाद दें जो आपके पास हैं। अपने लिए तीन सकारात्मक अफर्मेशंस तय करें और उन्हें रोज़ दोहराएँ। साथ ही अपनी गलतियों के लिए प्रतिदिन क्षमा मांगें—सुबह उठते समय और रात में सोने से पहले। इससे निश्चित रूप से मानसिक शांति मिलेगी।
NAGARIK SATTA


