Breaking News

भाषा विश्वविद्यालय और बालरैक फ़ाउंडेशन के बीच एमओयू

  • LGBTQIA+ समुदाय के सशक्तिकरण और जेंडर सेंसिटाइजेशन पर संयुक्त काम करेंगे

लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय और बालरैक फ़ाउंडेशन के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर कुलपति प्रो अजय तनेजा के मार्गदर्शन में हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य जेंडर सेंसिटाइजेशन को बढ़ावा देना और विश्वविद्यालय को बालरैक फ़ाउंडेशन तथा नाज़ फ़ाउंडेशन इंटरनेशनल के सहयोग से LGBTQIA+ समुदाय के समर्थन और सशक्तिकरण का केंद्र बनाना है।

एमओयू के तहत विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षक और शोधार्थी LGBTQIA+ समुदाय के अधिकारों के लिए जागरूकता बढ़ाने, समाज में व्याप्त पूर्वाग्रहों को कम करने और समावेशी शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए काम करेंगे।

इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय में विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी, जिनमें वर्कशॉप्स, विद्यार्थियों के लिए एक सप्ताह की इंटर्नशिप, ट्रांसजेंडर समुदाय और सेक्स वर्कर्स के लिए लीगल एड सेल, सेमिनार और व्याख्यान, भाषाओं के संरक्षण हेतु विकिपीडिया आधारित डेटा एनालिसिस और रिसर्च प्रशिक्षण, तथा LGBTQIA+ विषयों पर कॉन्फ्रेंस का आयोजन शामिल है। इसकी शुरुआत उर्दू और फ़ारसी भाषाओं से होगी।

समझौता ज्ञापन पर विश्वविद्यालय की ओर से वित्त अधिकारी संजीव गुप्ता और बालरैक फ़ाउंडेशन की ओर से डॉ. आरिफ़ जाफ़र, फ़ाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, बालरैक फ़ाउंडेशन ने हस्ताक्षर किए।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अजय तनेजा ने कहा, “यह एमओयू हमारे विश्वविद्यालय के सामाजिक और अकादमिक दृष्टिकोण को नई दिशा देगा। हम LGBTQIA+ समुदाय के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय भाषाओं के संरक्षण को भी प्राथमिकता देंगे। वहीं इस अवसर पर बोलते हुए अपने वक्तव्य में डॉ. आरिफ़ जफ़र ने कहा, “बालरैक फ़ाउंडेशन इस साझेदारी के माध्यम से छात्रों और समुदाय के बीच सक्रिय संवाद और सहयोग बढ़ाएंगे। हमारा उद्देश्य समाज में समावेशिता और न्याय की भावना को मजबूत करना है।

विश्वविद्यालय प्रशासन और बालरैक फ़ाउंडेशन ने इस साझेदारी को सामाजिक समावेशन, मानवाधिकार और अकादमिक नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यक्रम में प्रवीण दास, लीड पार्टनरशिप्स मैनेजर साउथ एशिया, विकिमीडिया फ़ाउंडेशन तथा सैयद रज़ा हुसैन ज़ैदी, डायरेक्टर पार्टनरशिप एवं स्ट्रैटेजिक ग्रोथ, नाज़ फ़ाउंडेशन इंटरनेशनल एवं MEHFIL उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ महेश कुमार, डॉ. नीरज शुक्ला (नोडल अधिकारी, MoU), डॉ. मूसी रज़ा (MoU कोऑर्डिनेटर) और डॉ. राज कुमार, शबीह हैदर भी मौजूद रहे।

About Nagarik Satta

Check Also

यूपी में AI से बदलेगा बसों के संचालन का तरीका

30 करोड़ की परियोजना पर UPSRTC ने मांगी निविदा लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन …

एके शर्मा का कांग्रेस पर हमला, आपातकाल और 1984 हिंसा का किया जिक्र

गोरखपुर। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने गोरखपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *