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वसुधैव कुटुम्बकम और भगवान बुद्ध के सिद्धांत हमारी आने वाली पीढ़ियों में भी विकसित हों : राज्यपाल
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छात्र–फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त शोध, पाठ्यक्रम विनिमय सहित उच्च शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति
लखनऊ। राजभवन में सोमवार को राज्यपाल एवं प्रदेश की राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में कैनेडियन हिन्दू चैंबर ऑफ कॉमर्स तथा उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों, लखनऊ विश्वविद्यालय, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) और ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ, के मध्य विविध शैक्षणिक विषयों पर समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का हस्तांतरण सम्पन्न हुआ। इन एमओयू के अंतर्गत छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त शोध (ज्वाइंट रिसर्च कोलैबोरेशन), पाठ्यक्रम विनिमय (कोर्स एक्सचेंज) सहित उच्च शिक्षा से जुड़े अनेक क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।
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शिक्षा में उत्कृष्टता की दिशा में उत्तर प्रदेश अग्रसर: राज्यपाल
इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कनाडा से आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा अब इन्हें उत्कृष्टता के सर्वोच्च स्तर तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अपने गुजरात के अनुभव साझा करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच और योजनाबद्ध कार्यप्रणाली से परिणाम भी सकारात्मक प्राप्त होते हैं। राज्यपाल ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा रहे शैक्षणिक नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि नए सिलेबस, आधुनिक पाठ्यक्रम तथा नैक और एनआईआरएफ रैंकिंग मानकों के अनुरूप किए जा रहे प्रयासों से शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है।
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राष्ट्रीय सुरक्षा और नवाचार की दिशा में भारत की भूमिका
अपने गुजरात दौरे का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी और इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर द्वारा किए जा रहे कार्यों को राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने इसरो द्वारा अमेरिका के “ब्लू बर्ड” के सफल प्रक्षेपण को देश के लिए गर्व का विषय बताया और साइबर अपराध व पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को समयबद्ध ढंग से कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भारत को अपनी श्रेष्ठ उपलब्धियाँ विश्व के साथ साझा करनी चाहिए और विश्व की अच्छी बातों को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने भारत को “वसुधैव कुटुम्बकम” और भगवान बुद्ध के सिद्धांतों को मानने वाला देश बताते हुए कहा कि ऐसे संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ियों में भी विकसित किए जाने चाहिए।
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उच्च शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग से नई ऊँचाइयाँ
इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी राज्यपाल (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ. सुधीर महादेव बोबडे ने 17 सदस्यीय कैनेडियन प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि राज्यपाल के नेतृत्व में पिछले सात वर्षों में उत्तर प्रदेश ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता के नए आयाम स्थापित किए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 10 राज्य विश्वविद्यालयों को नैक की सर्वोच्च ‘ए++’ रैंकिंग प्राप्त है। अंतरराष्ट्रीय एमओयू के माध्यम से प्रदेश के विश्वविद्यालय निरंतर वैश्विक मानकों की ओर अग्रसर हैं।
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भारतीय भाषाओं के अध्ययन में बढ़ती वैश्विक रुचि
कैनेडियन हिन्दू चैंबर ऑफ कॉमर्स के ट्रस्टी नरेश कुमार चावड़ा ने कहा कि भारतीय भाषाओं की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग बढ़ रही है और कनाडा से छात्र भारतीय भाषाओं के अध्ययन हेतु भारत आएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एमओयू के अंतर्गत सभी निर्धारित लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से सफलतापूर्वक पूरे किए जाएंगे।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति जे.पी. पाण्डेय ने एमओयू को एक सकारात्मक एवं उपयोगी अनुभव बताते हुए इसके क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर भी अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डॉ. पंकज एल. जानी, विशेष कार्याधिकारी राज्यपाल श्री अशोक देसाई, लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना, भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति सहित कैनेडियन हिन्दू चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
NAGARIK SATTA


