लखनऊ। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) का 13वां संकल्प दिवस मंगलवार को डॉ. बीआर अंबेडकर सभागार, राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सुभासपा अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह सहित एनडीए घटक दलों के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. संजय निषाद ने कहा कि 13 जनवरी 2013 को श्रृंगवेरधाम में उन्होंने मछुआ समाज के शोषण के खिलाफ संघर्ष का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि निषाद समाज अब केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि सत्ता निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाने वाला समाज है। उन्होंने वीरांगना फूलन देवी और स्व. जमुना निषाद की हत्या की सीबीआई जांच की मांग दोहराई। साथ ही संतकबीरनगर लोकसभा चुनाव को लेकर कहा कि ई. प्रवीण निषाद हारे नहीं, बल्कि उन्हें हराया गया है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को चिन्हित किया जाएगा।
डॉ. निषाद ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना सहित केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मछुआ समाज के लिए ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषाद राज बोट योजना और महिला केंद्रित योजनाओं से समाज को लाभ मिल रहा है।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि निषाद पार्टी और सुभासपा के साथ आने से कोई भी पार्टी सत्ता में नहीं आ सकती। उन्होंने मछुआ समाज के अधिकारों पर जोर देते हुए कहा कि बालू खनन और जलाशयों पर पहला हक निषाद समाज का होना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एनडीए की एकता को “खूबसूरत गुलदस्ता” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के विजन में निषाद समाज की अहम भूमिका है। वहीं उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने निषाद पार्टी को संघर्षशील और काडर आधारित पार्टी बताया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने निषाद पार्टी के नाम की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा और निषाद पार्टी का गठबंधन पारिवारिक है और मछुआ समाज के सभी मुद्दों का समाधान मिलकर किया जाएगा। कार्यक्रम ने एनडीए की मजबूती और निषाद समाज के सशक्तिकरण का संदेश दिया।
NAGARIK SATTA
