लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने की। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सभी फैकल्टी सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
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संविधान से प्रेरणा, विकसित भारत 2047 का संकल्प
अपने संबोधन की शुरुआत में कुलपति ने कहा कि गणतंत्र दिवस प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का पर्व है। अनेक संघर्षों के बाद प्राप्त संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने कहा कि संविधान की गरिमा का पालन करते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कुलपति ने राज्यपाल महोदया के नेतृत्व में राजभवन का नाम ‘जनभवन’ किए जाने को लोकतंत्र को सशक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया तथा प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलावों की सराहना की।
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विश्वविद्यालय की बहुआयामी उपलब्धियां
कुलपति ने बताया कि पिछले स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2025) से गणतंत्र दिवस तक विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार रहीं—
तकनीकी उन्नयन : इंटरनेट क्षमता 500 Mbps से बढ़ाकर 1 Gbps की गई। विश्वविद्यालय की वेबसाइट का पूर्ण अद्यतन किया गया। पहली ई-मैगजीन का प्रकाशन हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय की गतिविधियों और उपलब्धियों का संकलन किया गया है।
शैक्षणिक सुधार : दसवें दीक्षांत समारोह में गैर-फटने वाली डिग्रियों का वितरण किया गया। सभी प्रमाणपत्र डिजी-लॉकर पर अपलोड किए गए। नियंत्रक परीक्षा टीम को देश में सबसे कम समय में परिणाम घोषित करने के लिए बधाई दी गई।
छात्र कल्याण: छात्रावासों का जीर्णोद्धार एवं विस्तार किया गया। जिम, वॉशिंग मशीन और आधुनिक कॉमन रूम की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। छात्र बीमा योजना सतत रूप से संचालित रही। खेल परिसर में टेनिस एवं वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे दो माह में पूर्ण किया जाएगा।
खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां: राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में कर्मचारी टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आंतरिक खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला। पहली बार आयोजित परेड में एनसीसी गर्ल्स ने ‘तिरंगा तरंगिणी’ बैंड के माध्यम से मनमोहक प्रस्तुति दी।
अनुसंधान एवं नवाचार: कंप्यूटर साइंस विभाग के चार छात्रों को कम लागत वाले ‘एनिमल डिटेक्शन सिस्टम’ के लिए कुलाधिपति पुरस्कार प्राप्त हुआ। 3-डी प्रिंटर से प्रतिमा निर्माण जैसे नवाचारी कार्य किए गए। पुस्तकालय में रीडिंग रूम एवं इन्फ्लिबनेट कॉर्नर, लॉ विभाग में मूट कोर्ट तथा सीएसई विभाग में एआई और पायथन लैब की स्थापना की गई।
शिक्षक कल्याण: पात्र फैकल्टी सदस्यों को सीएएस के अंतर्गत प्रोन्नति दी गई। फैकल्टी कल्याण कोष को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये किया गया।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग: भारत एवं अमेरिका सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किए गए। कनाडाई प्रतिनिधिमंडल के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, मुख्यमंत्री योजना के अंतर्गत प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग तथा स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम संचालित किए गए।
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6D प्लान का प्रेरक आह्वान
कुलपति ने ‘6D प्लान’—Dream (स्वप्न), Discipline (अनुशासन), Dedication (समर्पण), Determination (दृढ़ संकल्प), Devotion (भक्ति) और Development (विकास)—को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह योजना व्यक्तिगत एवं संस्थागत विकास का सशक्त माध्यम बनेगी।
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महापुरुषों के विचारों से प्रेरणा
संबोधन के अंत में महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उद्धरणों का उल्लेख करते हुए कुलपति ने राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. महेश कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रो. मसूद आलम, प्रो. सौबान सईद, प्रो. हैदर अली, प्रो. तनवीर, प्रो. शालिनी, डॉ. राजेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
NAGARIK SATTA