अयोध्या। भारतवंशी एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य निवासी वॉइस ऑफ स्पेशली एबल्ड पीपल यूएसए के संस्थापक अध्यक्ष प्रणव देसाई की सद्प्रेरणा से “ज्योति महायज्ञ” के रूप में एक माह तक चलने वाले निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ सोमवार को दीप प्रज्ज्वलन के साथ दीन बंधु नेत्र चिकित्सालय में प्रारंभ किया गया।
इस महान पुनीत अवसर के उद्घाटन अवसर पर बड़ी संख्या में नेत्र रोगियों के साथ अनेक संतजन उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि महापौर डॉ गिरीश चंद्र त्रिपाठी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की भव्यता को बढ़ाया। महापौर श्री त्रिपाठी ने प्रणव देसाई द्वारा किये सेवा कार्यों की प्रसंशा करते इस शिविर को अयोध्या वासियों का सौभाग्य बताते हुए वोसाप की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में अयोध्या के संतजनों की गरिमामई उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्यता प्रदान कर दी। डी एन मिश्र महाप्रबंधक, उमा दत्त मिश्रा, उदय भान पाठक, अजय मिश्रा, हनुमान मिश्र, वीरेंद्र यादव, लक्मण, अनुराग आदि मुख्य रूप से उपस्थिति रहे। वरिष्ठ पत्रकार संजय शुक्ला ने मंच का संचालन किया। महामंत्री राष्ट्रगौरव ने महापौर और आये हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रणव देसाई एवं उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और सेवा भाव से ओतप्रोत रहा।
वोसाप द्वारा प्रयोजित इस विशेष शिविर में ग्रामीण अंचल के 2000 नेत्र रोगियों के निःशुल्क ऑपरेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही बांसी, नौगढ़ तथा सिद्धार्थनगर क्षेत्रों में इंडियन ऑयल से प्राप्त सचल नेत्र परीक्षण वाहन के माध्यम से विशेष नेत्र जांच शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सीधे लाभ मिल सके।
उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों में प्रणव देसाई के आर्थिक सहयोग एवं सतत मार्गदर्शन में कल्याणम करोति संस्था द्वारा अब तक 5292 निःशुल्क नेत्र ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं, जो अंधता निवारण के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व उपलब्धि मानी जा रही है।
अमेरिका से वीडियो द्वारा प्रणव देसाई ने इस सेवा कार्य से जुड़े सभी चिकित्सकों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि यह अभियान समाज के वंचित वर्गों के जीवन में नई रोशनी लेकर आएगा। शिविर के पहले दिन ही 216 नेत्र रोगियों का परीक्षण किया गया तथा 75 नेत्र रोगियों को ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया।
NAGARIK SATTA