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विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के लक्ष्य के साथ कृषि को आधुनिक और किसानों को समृद्ध बनाने की योजना
लखनऊ, 9 फरवरी। योगी सरकार ने विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया, जिसमें प्रदेश के विकास में कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन को प्राथमिक क्षेत्र के रूप में रेखांकित किया गया है। सर्वेक्षण में लागत घटाकर उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि पर सरकार की रणनीति को प्रमुखता से दर्शाया गया है।
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अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान बढ़कर 24.9 प्रतिशत
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2017-18 की तुलना में 2024-25 में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का योगदान 24 प्रतिशत से बढ़कर 24.9 प्रतिशत हो गया है। उत्तर प्रदेश 737.4 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन के साथ देश का अग्रणी राज्य बना हुआ है। इस अवधि में कुल खाद्यान्न उत्पादन में 28.5 प्रतिशत और उत्पादकता में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी 18.1 प्रतिशत से बढ़कर 20.6 प्रतिशत हो गई है। धान उत्पादन में 23.6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई है, जबकि गेहूं उत्पादन में 6.3 प्रतिशत और उत्पादकता में 3.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
दलहन और तिलहन फसलों के क्षेत्रफल में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें तिलहन क्षेत्रफल में लगभग 165 प्रतिशत विस्तार हुआ है।
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सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं
- 806.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण (2017-18 से नवंबर 2025 तक)
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₹1.34 लाख करोड़ से अधिक का फसली ऋण वितरण
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पीएम-किसान योजना के तहत 3.12 करोड़ किसानों को ₹94,668.58 करोड़ डीबीटी हस्तांतरण
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 61.98 लाख किसानों को ₹5,110.23 करोड़ की क्षतिपूर्ति
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32,732 खेत तालाबों का निर्माण
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86,128 सोलर पंपों की स्थापना (पीएम-कुसुम योजना)
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उत्तर प्रदेश बनेगा भारत का बीज उत्पादन केंद्र
राज्य सरकार ने प्रदेश के 5 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में उन्नत बीज पार्क स्थापित करने का निर्णय लिया है। पहला सीड पार्क लखनऊ के अटारी क्षेत्र में 266.70 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा, जहां बीज प्रसंस्करण, स्पीड ब्रीडिंग और हाइब्रिड बीज विकास की सुविधाएं होंगी। इससे किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
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फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में उभर रहा उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश तेजी से भारत का फूड प्रोसेसिंग हब बन रहा है। प्रदेश में करीब 65,000 फूड प्रोसेसिंग इकाइयां संचालित हैं, जिनसे 2.55 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। अब तक 15 से अधिक एग्रो और फूड प्रोसेसिंग पार्क विकसित किए जा चुके हैं, जिनमें बरेली, बाराबंकी, वाराणसी और गोरखपुर प्रमुख हैं।
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कृषि क्षेत्र में महिलाओं की बड़ी भागीदारी
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश की 78.8 प्रतिशत कार्यरत महिलाएं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कार्यरत हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पांच में से चार महिलाएं कृषि क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं।
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सिंचाई,पशुपालन और मत्स्य पालन में उल्लेखनीय वृद्धि
- सिंचित क्षेत्र में 60 लाख हेक्टेयर की वृद्धि
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फसल सघनता बढ़कर 193.7 प्रतिशत
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दुग्ध उत्पादन में यूपी देश में पहले स्थान पर
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मत्स्य उत्पादन में 111.7 प्रतिशत की वृद्धि (2017-18 से 2024-25)
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विकसित उत्तर प्रदेश 2047: कृषि को आधुनिक और किसानों को समृद्ध बनाने के लक्ष्य
सरकार ने वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए दीर्घकालिक कृषि लक्ष्य तय किए हैं —
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फसल सघनता को 250 प्रतिशत तक बढ़ाना
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किसानों की आय तीन गुना करना
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30 लाख हेक्टेयर बंजर भूमि को कृषि योग्य बनाना
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एआई आधारित कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा
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माइक्रो इरिगेशन, एग्री-टेक, बीज पार्क और कृषि नवाचार को प्रोत्साहन
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सतत, जलवायु अनुकूल और स्मार्ट कृषि को मजबूत बनाना
NAGARIK SATTA