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बजट सत्र के संयुक्त अधिवेशन में आनंदीबेन पटेल ने प्रस्तुत की सुशासन, विकास और उपलब्धियों की व्यापक रूपरेखा
लखनऊ, 09 फरवरी। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के प्रथम दिन दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के व्यापक विकास की तथ्यपरक और आत्मविश्वासपूर्ण तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में ‘बॉटलनेक स्टेट’ की छवि को पीछे छोड़ते हुए ‘ब्रेक-थ्रू स्टेट’ के रूप में अपनी नई पहचान बनाई है। सुशासन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, आर्थिक सशक्तिकरण, कृषि विस्तार, महिला सशक्तिकरण, अवसंरचना विकास और जनकल्याण के क्षेत्रों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था अब राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी मानक बन चुकी है। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत संगठित अपराध और माफिया तंत्र पर निर्णायक नियंत्रण स्थापित किया गया है। अब तक 35 माफिया और 94 सह-अपराधियों को दोषसिद्ध किया गया है, 2 अपराधियों को मृत्युदंड दिया गया है तथा 267 अपराधी पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए हैं। 977 अभियुक्तों को एनएसए के तहत निरुद्ध किया गया है और ₹4,137 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि यूपी-112 की रिस्पॉन्स टाइम को 25 मिनट 42 सेकंड से घटाकर 6 मिनट 51 सेकंड कर दिया गया है। साइबर अपराध से निपटने के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने स्थापित किए गए हैं। एटीएस द्वारा 148 आतंकवादियों की गिरफ्तारी की गई है तथा अवैध रूप से रह रहे 146 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ 999 सफल ट्रैप ऑपरेशन किए गए हैं। सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए 2017 के बाद 8 नई विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जबकि 6 अन्य निर्माणाधीन हैं। इसी अवधि में 2.19 लाख से अधिक पुलिस भर्तियां की गई हैं और 1.58 लाख कर्मियों को पदोन्नति दी गई है। पुलिस बजट में लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
अवसंरचना विकास पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने बताया कि 168 विकासखंड मुख्यालयों को डबल-लेन सड़कों से जोड़ा जा चुका है। अब तक 1,410 किलोमीटर लंबी 161 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है और 2025–26 तक 46,600 किलोमीटर सड़कों के सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में हुए सुधारों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 21 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 19 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। 59.83 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और 37.45 लाख मीटरों को प्री-पेड सिस्टम में बदला गया है। पिछले नौ वर्षों में बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि खाद्यान्न उत्पादन 2016–17 के 557.46 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2024–25 में 737.40 लाख मीट्रिक टन हो गया है। कृषि क्षेत्र का जीएसडीपी ₹2.96 लाख करोड़ से बढ़कर ₹6.95 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। बागवानी क्षेत्र में खेती का रकबा 21.40 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 26 लाख हेक्टेयर हो गया है और उत्पादन 3.80 करोड़ मीट्रिक टन से बढ़कर 6 करोड़ मीट्रिक टन हो गया है। बागवानी निर्यात ₹400 करोड़ से बढ़कर ₹1,700 करोड़ तक पहुंच गया है। गन्ना किसानों को लेकर राज्यपाल ने बताया कि 2017 के बाद अब तक ₹3,04,321 करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है। तीन नई चीनी मिलों की स्थापना से पेराई क्षमता में वृद्धि हुई है और गन्ना उत्पादकता 72.38 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 84 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर हो गई है। पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के तहत 7,497 गो-आश्रय स्थलों में 12.38 लाख निराश्रित गोवंश की देखभाल की जा रही है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत 1.81 लाख गोवंश गो-पालकों को सौंपे गए हैं और डीबीटी के माध्यम से ₹1,484 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में 242.13 करोड़ पौधों का रोपण किया गया है, जिससे प्रदेश का वनावरण बढ़कर 9.96 प्रतिशत हो गया है।
खनन क्षेत्र में सुधारों के चलते 2017 के बाद से ₹28,920 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछली अवधि की तुलना में कई गुना अधिक है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की 13,621 बसों ने 103.37 करोड़ किलोमीटर का संचालन किया और 37.10 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान की, जिससे ₹3,810.63 करोड़ का राजस्व अर्जित हुआ।
सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ₹109 करोड़ से अधिक की सहायता वितरित की गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए रोजगार योजनाओं में 23 प्रतिशत आरक्षण और अधिकतम ₹70,000 तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 36.37 लाख आवासों का निर्माण किया गया है, जबकि ई-श्रम पोर्टल पर 8.51 करोड़ से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है।
शिक्षा क्षेत्र में 8,966 नई शिक्षक नियुक्तियां की गई हैं, 778 आईसीटी लैब, 1,236 स्मार्ट कक्षाएं, 6 नए राज्य विश्वविद्यालय और 71 नए राजकीय महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं। आकांक्षात्मक जिलों में स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
राज्यपाल ने बताया कि आबकारी राजस्व ₹14,273 करोड़ से बढ़कर ₹52,573 करोड़ तक पहुंच गया है और 2025–26 में इसे ₹63,000 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज खाद्यान्न, गन्ना, चीनी, दुग्ध, आम और आलू उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम सूर्य घर योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, अटल पेंशन योजना, एमएसएमई पंजीकरण, डिजिटल हेल्थ मिशन और सरकारी खरीद में भी प्रदेश देश में अग्रणी है।
अंत में राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासनिक सुधार, वित्तीय सुदृढ़ता और जनभागीदारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश आने वाले समय में “विकसित भारत” की परिकल्पना को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा और देश के शीर्ष राज्यों में मजबूती से स्थापित रहेगा।
NAGARIK SATTA