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विधानसभाः प्रश्नकाल में उठा रोजगार से पलायन तक का सवाल, मंत्रियों ने दिए जवाब

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक हृदय नारायण सिंह पटेल के युवाओं को रोजगार मिलने से जुड़े सवाल पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में एक लाख 39 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली थी, जबकि वर्ष 2017 से अब तक राज्य सरकार ने आठ लाख 45 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर में दिए गए रोजगार की संख्या अलग है, जिसकी गिनती यहां कराना आवश्यक नहीं समझते। संदीप सिंह के अनुपूरक प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि प्रदेश का युवा अब नौकरी के साथ-साथ उद्यमी बनना चाहता है और सरकार उसे हर संभव सहयोग दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सपा सरकार ने युवाओं को बेरोजगारी भत्ता केवल एक वर्ष तक दिया और 25 वर्ष से कम तथा 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बेरोजगार की श्रेणी में शामिल नहीं किया।

सपा सदस्य रविदास मेहरोत्रा ने अधिकारियों द्वारा संपत्ति विवरण जमा न करने का मुद्दा उठाया। इस पर सरकार की ओर से सुरेश खन्ना ने कहा कि राज्य सरकार के पोर्टल पर अधिकारियों की अचल संपत्ति का ब्यौरा अपलोड किया जा चुका है और इसे कोई भी देख सकता है। उन्होंने बताया कि एक जनवरी से 31 जनवरी के बीच संपत्ति विवरण अपलोड करने की व्यवस्था है तथा निर्धारित समय तक विवरण न देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई का प्रावधान है।

सपा सदस्य डॉ. संग्राम यादव ने भारत सरकार की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रोजगार की तलाश में जौनपुर से सर्वाधिक मजदूर पलायन करते हैं, उसके बाद आजमगढ़ और तीसरे स्थान पर गोरखपुर का नाम है, जबकि हापुड़ से सबसे कम पलायन हुआ है। इस पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि विपक्ष जिस रिपोर्ट का उल्लेख कर रहा है, वह कोरोना काल की है और उस समय परिस्थितियां भिन्न थीं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं की स्किल को देश और दुनिया में मान्यता मिल रही है।

समाजवादी पार्टी के सदस्य समरपाल सिंह के प्रश्न पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि जब उन्होंने पदभार संभाला था तब प्रदेश में करीब साढ़े आठ हजार बसें थीं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश परिवहन की बसों से प्रदूषण का प्रश्न नहीं उठता। बसों के रंग को लेकर उठे सवाल पर उन्होंने कहा कि बसें भगवा के साथ-साथ तिरंगे रंग में भी संचालित हो रही हैं। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि श्रम विभाग द्वारा कोई कोचिंग संचालित नहीं की जाती है। सरकार की ओर से अभ्युदय योजना के तहत कोचिंग की व्यवस्था की गई है, जिसमें एक लाख नौ हजार से अधिक युवा अध्ययनरत हैं। इसके अतिरिक्त संत रविदास योजना भी संचालित की जा रही है।

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