मुंबई। अभिनेता अक्षय कुमार टीवी शो ‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून’ के मंच पर गुजराती फिल्म लालो की सफलता पर चर्चा करते हुए भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए शुरुआती संघर्ष के दिनों का मार्मिक किस्सा भी साझा किया। शो की शुरुआत बेहद खास अंदाज में हुई, जब अक्षय कुमार ने कृष्ण बांसुरी बजाते हुए मंच पर प्रवेश किया। उनकी मधुर धुन ने पूरे माहौल को भावनात्मक और आध्यात्मिक बना दिया। इसके बाद उन्होंने फिल्म लालो की पूरी टीम का मंच पर स्वागत किया।
अक्षय ने फिल्म की कास्ट श्रद्धा गोस्वामी, रीवा राच, करण जोशी और निर्देशक अंकित सखिया का परिचय कराते हुए फिल्म के पीछे की प्रेरणादायक कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि तीन दोस्तों ने सीमित संसाधनों के बावजूद आपसी विश्वास के दम पर फिल्म बनाने का सपना पूरा किया। अक्षय कुमार ने कहा कि फिल्म बनाने के दौरान टीम के पास पैसे नहीं थे। कैमरा और अन्य संसाधन उधार लेकर तथा दोस्तों की मदद से एक ही लोकेशन पर पूरी फिल्म की शूटिंग की गई। करीब 48 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर गुजराती फिल्म इंडस्ट्री में नया इतिहास रच दिया।
बातचीत के दौरान निर्देशक अंकित सखिया ने फिल्म की रिलीज के शुरुआती मुश्किल दिनों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में फिल्म को अपेक्षित दर्शक नहीं मिल रहे थे और कुछ ही हफ्तों में सिनेमाघरों से हटाए जाने की स्थिति बन गई थी। इसके बाद वह और उनकी टीम रोज सिनेमाघरों में जाकर दर्शकों से फिल्म पर प्रतिक्रिया लेते थे।
इसी दौरान अक्षय कुमार ने बताया कि अंकित सखिया अपनी फिल्म को लोगों तक पहुंचाने के लिए खुद टिकट खरीदकर दर्शकों को देते थे और उनसे फिल्म देखने का आग्रह करते थे। अगर फिल्म पसंद आए तो दूसरों को बताने के लिए भी कहते थे। इस प्रसंग को सुनाते हुए अक्षय कुमार भावुक हो गए और उन्होंने अपने पिता को याद किया। उन्होंने कहा कि जब तक उनके पिता जीवित थे, वह उनकी हर फिल्म को कई बार देखने के लिए लोगों को साथ लेकर जाते थे। अक्षय ने बताया कि उनके पिता ने उनकी लगभग हर फिल्म 18–20 बार तक देखी थी। अक्षय ने कहा कि जहां उनके मामले में यह एक पिता का निस्वार्थ प्रेम था, वहीं अंकित और उनकी टीम का अपनी फिल्म के लिए समर्पण और जुनून भी उतना ही प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब मेहनत, विश्वास और जुनून साथ आते हैं तो छोटी शुरुआत भी बड़ी सफलता की कहानी बन जाती है।
अंत में निर्देशक अंकित सखिया ने बताया कि दोस्तों के सहयोग से फिल्म की शूटिंग मात्र 40 दिनों में पूरी की गई थी और इस प्रोजेक्ट में करीब 15 निर्माताओं ने सहयोग दिया, जिनमें कई उनके कॉलेज के दोस्त थे। शो का यह एपिसोड भावनाओं और प्रेरणा से भरपूर रहा। ‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून’ सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर प्रसारित होता है और सोनी लाइव पर स्ट्रीम किया जा सकता है।
NAGARIK SATTA