जयपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित लोकसभा द्वारा गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की द्वितीय बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में विधानसभा समितियों को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है और यही समितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावी तथा उत्तरदायी बनाती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए गए वायदों को धरातल पर उतारने में समिति प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
श्री महाना ने कहा कि अधिकारियों की समितियों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित होना ही सुशासन की वास्तविक कसौटी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संसदीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए समिति प्रणाली को सशक्त और परिणामोन्मुख बनाना अनिवार्य है। यदि समितियों की सिफारिशों पर समयबद्ध और गंभीरता से अमल किया जाए तो शासन व्यवस्था में व्यापक सुधार संभव है।
इस उच्चस्तरीय समिति में देश के कई राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष शामिल हैं। समिति की अध्यक्षता मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किया।
श्री महाना ने कहा कि समिति प्रणाली लोकतंत्र में “मिनी सदन” के रूप में कार्य करती है, जहां विषयों पर विस्तृत चर्चा और सूक्ष्म परीक्षण संभव होता है। इससे न केवल सदन का समय बचता है, बल्कि निर्णय अधिक व्यावहारिक और जनहितकारी बनते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि महत्वपूर्ण विधेयकों को अनिवार्य रूप से समितियों के पास भेजा जाना चाहिए, ताकि उनकी गहन समीक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि समितियां अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सतत निगरानी रखती हैं, उसे आवश्यक सहयोग प्रदान करती हैं और शासन प्रशासन को जवाबदेह बनाए रखने का कार्य करती हैं।
श्री महाना ने अंत में कहा कि समिति प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विशेषज्ञों की भागीदारी, आधुनिक तकनीक का उपयोग, नियमित प्रशिक्षण तथा पारदर्शिता को बढ़ावा देना आवश्यक है। इससे लोकतांत्रिक संस्थाएं और अधिक मजबूत, उत्तरदायी और जनकेन्द्रित बनेंगी।
बैठक में समिति प्रणाली की समीक्षा, उसकी प्रभावशीलता बढ़ाने तथा संसदीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने पर गहन विचार विमर्श किया गया। बैठक से पूर्व सभी सदस्यों ने राजस्थान विधानसभा के सदन, भवन एवं संग्रहालय का अवलोकन किया तथा औषधीय पौधशाला और विभिन्न प्रदर्शनियों का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा सभी अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया गया।
NAGARIK SATTA