लखनऊ। प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं रसद विभाग के मंत्री डॉ. मनोज पाण्डेय ने सोमवार को लखनऊ स्थित शासकीय कार्यालय में पेट्रोलियम कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में मंत्री ने नेपाल एवं बिहार की सीमाओं से जुड़े क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी, कालाबाजारी, घटतौली तथा वास्तविक उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम उत्पाद उपलब्ध न कराए जाने संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डॉ. मनोज पाण्डेय ने प्रमुख सचिव, विभागीय अधिकारियों, पेट्रोलियम कंपनियों तथा जिला पूर्ति अधिकारियों को नियमित निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए ई-केवाईसी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने, पात्र उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत होम डिलीवरी उपलब्ध कराने तथा पीएनजी नेटवर्क के तेजी से विस्तार पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक उपभोक्ता को पारदर्शी, सुगम और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने दोहराया कि जमाखोरी, कालाबाजारी और अन्य अनियमितताओं के प्रति सरकार की नीति “शून्य सहनशीलता” की है। जनता का हित सर्वोपरि है और उसके अधिकारों का हनन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद रणवीर प्रसाद सहित विभागीय अधिकारियों और विभिन्न पेट्रोलियम कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
NAGARIK SATTA