लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है और आज देश वैश्विक मंच पर अपनी शक्ति, सामर्थ्य एवं नेतृत्व क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि आस्था और आर्थिक विकास के संगम के साथ भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
शुक्रवार को लोकभवन में आयोजित मीडिया संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख किया। कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने लोकभवन में आयोजित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक योजनाएं बनती रहीं, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पहली बार योजनाओं को जन आंदोलन का स्वरूप मिला। जनधन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मुद्रा योजना जैसी पहलों ने देश के विकास को नई दिशा दी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विकास की धुरी के रूप में गरीब, महिला, युवा और किसान को केंद्र में रखा। उनके नेतृत्व में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए, जो विश्व इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उत्तर प्रदेश को भी केंद्र सरकार की योजनाओं का व्यापक लाभ मिला है। राज्य में लाखों गरीबों को आवास, करोड़ों परिवारों को शौचालय, उज्ज्वला गैस कनेक्शन तथा आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।
महिला सशक्तीकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं ने महिलाओं को नई पहचान और अवसर प्रदान किए हैं। उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान और पुलिस बल में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण जैसी पहलें भी उल्लेखनीय रही हैं।
युवाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा पर चर्चा, मुद्रा योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, आत्मनिर्भर भारत अभियान, फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों ने युवाओं को नई ऊर्जा और अवसर प्रदान किए हैं।
किसानों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, फसल बीमा योजना और सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी योजनाओं ने कृषि क्षेत्र को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में करोड़ों किसान किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं तथा गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘पंच प्रण’ विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की आधारशिला हैं। इनमें गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत पर गर्व, राष्ट्रीय एकता, नागरिक कर्तव्यों का पालन और विकसित भारत के संकल्प को साकार करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की आस्था और सांस्कृतिक विरासत को भी नया सम्मान मिला है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारपुरी के पुनरुद्धार जैसे कार्य भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने आयुष मंत्रालय के गठन और सहकारिता क्षेत्र को नई ऊर्जा देकर भारतीय ज्ञान परंपरा एवं स्वदेशी व्यवस्थाओं को सशक्त बनाया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों और छोटे उद्यमियों को लाभ मिला है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा नीति में निर्णायक परिवर्तन आया है और देश अब अपनी सुरक्षा एवं संप्रभुता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करता।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेगा।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों की राजनीति वर्षों तक भ्रष्टाचार, कुशासन, परिवारवाद, तुष्टिकरण, अव्यवस्था और असुरक्षा पर आधारित रही, उन्हें आज देश में हो रहा विकास और परिवर्तन स्वीकार नहीं हो रहा है। पहले देश की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों से दूरी बनाई जाती थी तथा समाज को जाति, क्षेत्र, भाषा और मत-मजहब के आधार पर बांटने का प्रयास किया जाता था। पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान किसान उपेक्षित रहे, उद्यमियों को हतोत्साहित किया गया, युवाओं को अवसर नहीं मिले और गरीब केवल वोटबैंक बनकर रह गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब विकास, सुशासन, सुरक्षा, विरासत के सम्मान और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कार्य हुआ तो वही लोग इस परिवर्तन से असहज दिखाई दे रहे हैं। आज पूरा विश्व भारत की उपलब्धियों और विकास यात्रा की सराहना कर रहा है, लेकिन कुछ विपक्षी दल राजनीतिक कारणों से इन उपलब्धियों को स्वीकार करने से बच रहे हैं।
NAGARIK SATTA
