लखनऊ। उत्तर प्रदेश को नवाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और खुशहाली की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से गोमतीनगर स्थित भवन में ‘यूपी सुपर 200’ पहल का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर ‘विकसित यूपी मुस्कुराए यूपी’ विषय पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, समाजसेवी एवं आध्यात्मिक चिंतक राजीव तिवारी बाबा ने कहा कि आज का मनुष्य भौतिक उपलब्धियों के बावजूद मानसिक तनाव और अशांति से जूझ रहा है। ऐसे समय में नवयोग व्यक्ति को सहज रूप से आत्मसाक्षात्कार की ओर ले जाकर उसके जीवन में सुख, शांति और संतुलन स्थापित कर सकता है। उन्होंने कहा कि आत्मसाक्षात्कारी व्यक्तियों से ही एक संवेदनशील, सकारात्मक और सुंदर समाज का निर्माण संभव है। विकसित उत्तर प्रदेश के सपने को साकार करने के लिए आध्यात्मिक जागरण को भी समान महत्व देना होगा।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए संस्थापक शिक्षाविद् डॉ. सिधांशु राय ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों की 200 प्रतिष्ठित हस्तियों को एक मंच पर जोड़कर विकासोन्मुखी सोच को आगे बढ़ाना इस पहल का उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, गांव-गांव तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम और समाज में खुशहाली का वातावरण तैयार करना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने ‘दि बेटर यूपी’ और ‘मुस्कुराए लखनऊ’ जैसे अभियानों की भी घोषणा की।
कार्यक्रम के समन्वयक एवं ज्योतिषाचार्य डॉ. आदित्य पांडेय ने कहा कि वर्ष 2030 तक उत्तर प्रदेश को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपी सुपर 200 प्रदेश के विकास के लिए एक प्रभावी एक्शन फोर्स के रूप में कार्य करेगा।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्रीधर अग्निहोत्री ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर जोड़कर उत्तर प्रदेश के विकास का जो सपना देखा गया है, वह निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
प्रो. अंशुमान श्रीवास्तव और सुधांशु रस्तोगी ने कहा कि अनुभवी और समर्पित लोगों के साझा प्रयासों से ही बेहतर उत्तर प्रदेश का निर्माण संभव है। वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार मनीष शुक्ला ने कहा कि यूपी सुपर 200 से जुड़े प्रबुद्धजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक और चेंज मेकर की भूमिका निभाएंगे।
नेचुरोपैथिस्ट डॉ. अमरनाथ कश्यप और सुशील तोमर ने संगठन को प्रभावी थिंक टैंक के रूप में विकसित करने पर बल दिया। वहीं डॉ. सरनजीत सिंह और डॉ. नीरज शुक्ला ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता बताई। शिक्षाविद् अमित अग्रवाल ने ‘विकसित यूपी कॉन्क्लेव’ आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।
इनोवेशन विशेषज्ञ विवेक मिश्रा और प्रो. नीरज श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान समय नवाचार का युग है और समाज में नवाचार आधारित सोच को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
सह-समन्वयक अखिल त्यागी ने बताया कि इस समूह में कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, बांदा सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों के पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्व, शिक्षाविद्, चिकित्सक, उद्यमी, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किसान, नौकरशाह, खिलाड़ी और युवा शामिल हैं।
इस अवसर पर लखनऊ चैप्टर के अंतर्गत 11 सदस्यीय कोर टीम का गठन किया गया, जिसमें आईआईपी के प्रो. अंशुमान श्रीवास्तव, विजन स्टार्टअप के संस्थापक सुधांशु रस्तोगी, साहित्यकार डॉ. मनीष शुक्ला, चीफ प्रॉक्टर डॉ. नीरज शुक्ला तथा स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सरनजीत सिंह सहित अन्य सदस्य शामिल किए गए।
आयोजन में एचबीटीयू एलुमनाई एसोसिएशन के डॉ. आर.पी. शर्मा, विमल अग्रवाल, डॉ. निधि अस्थाना, नरेंद्र अग्रवाल, अतुल अरोड़ा, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्रधान दिलीप त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
NAGARIK SATTA