लखनऊ। विवेकानन्द पॉलीक्लिनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में शुक्रवार, 19 जून को निःशुल्क थोरैसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी स्पेशलिटी क्लीनिक का आयोजन किया गया। यह क्लीनिक संस्थान के भूतल स्थित ओपीडी कक्ष संख्या-02 में आयोजित हुआ। इसमें थोरैसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी के क्षेत्र में 40 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले प्रसिद्ध कार्डियोवैस्कुलर एवं थोरैसिक सर्जन प्रोफेसर (डॉ.) भवतोष बिस्वास ने हृदय, छाती, फेफड़ों और रक्त वाहिकाओं से संबंधित बीमारियों से पीड़ित मरीजों का चिकित्सकीय परीक्षण कर उन्हें परामर्श दिया। शिविर के दौरान 30 मरीजों ने विशेषज्ञ चिकित्सक से निःशुल्क परामर्श तथा विभिन्न चिकित्सा संबंधी जांचों का लाभ उठाया।
प्रोफेसर (डॉ.) भवतोष बिस्वास ने बताया कि यदि कोई मरीज या उसका परिजन पुरानी खांसी, बलगम वाली खांसी, हाल में तेजी से वजन घटना, भूख न लगना, सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, बार-बार सीने में संक्रमण या खांसी में खून आने जैसी समस्याओं से पीड़ित है, तो उसे विशेषज्ञ परामर्श अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि फेफड़ों या ग्रासनली के कैंसर से पीड़ित मरीजों तथा दीर्घकालिक किडनी रोग के कारण डायलिसिस की आवश्यकता वाले मरीजों को भी इस प्रकार की विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह से लाभ मिल सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि रक्त परिसंचरण और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याएं, जैसे लंबे समय से पैर में दर्द, ऐंठन, हाथ-पैरों में सुन्नता, पैरों में सूजन, गैंग्रीन और वैरिकाज़ नसों जैसी स्थितियों में भी मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श लेना चाहिए।
संस्थान के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने भारत के त्याग और सेवा के राष्ट्रीय आदर्श की स्थापना की थी। इसी आदर्श को व्यवहार में उतारते हुए संस्थान जरूरतमंद लोगों को रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय परामर्श, किफायती दरों पर उच्चस्तरीय शल्य चिकित्सा सुविधा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध
NAGARIK SATTA