लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र कमल धीमान का चयन आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय उत्तर प्रदेश में लेखाकार पद पर हुआ है। कमल की इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष और उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हुए कमल धीमान ने अपनी मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन के बल पर यह सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि विश्वविद्यालय में संचालित अभ्युदय योजना की उपयोगिता और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे मार्गदर्शन का भी प्रमाण है।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कमल धीमान को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता ही किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। उन्होंने कहा, कमल धीमान की सफलता हमारे विश्वविद्यालय और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, दोनों के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन, संसाधन और निरंतर प्रोत्साहन मिले तथा वे पूरी लगन से मेहनत करें, तो वे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। विश्वविद्यालय का निरंतर प्रयास है कि हमारे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं। मुझे विश्वास है कि कमल की सफलता से अन्य विद्यार्थी भी प्रेरणा लेंगे और अपने लक्ष्य की दिशा में और अधिक समर्पण के साथ आगे बढ़ेंगे। कुलपति ने कमल धीमान को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी शुभकामनाएं देते हुए निरंतर अध्ययन और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
कुलसचिव विकास ने भी कमल धीमान को बधाई देते हुए उनकी सफलता को विश्वविद्यालय के लिए प्रेरणादायी बताया और कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी उपलब्धियां अन्य छात्रों को भी अपने लक्ष्य के प्रति गंभीरता से प्रयास करने के लिए प्रेरित करती हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना केंद्र की समन्वयक डॉ सुमन मिश्रा एवं सह-समन्वयक अंशुल पांडेय ने भी सफल छात्र को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कमल की सफलता अभ्युदय योजना से जुड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
NAGARIK SATTA