- सम्मान वाला काम करिए, अब कोई उंगली नहीं उठा सकता: सीएम योगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में उचित दर विक्रेताओं (राशन कोटेदारों) के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के तहत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ किया। साथ ही प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में वृद्धि का उपहार दिया। अब कोटेदारों को प्रति कुंतल 125 रुपये लाभांश मिलेगा, जो पहले 90 रुपये था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति को वही काम करना चाहिए, जिसमें सम्मान हो। जिस काम में सम्मान न हो, उसे कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि उसका दुष्प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में व्यवस्था और कार्यसंस्कृति में बड़ा बदलाव आया है। अब कोई उचित दर विक्रेता पर अंगुली नहीं उठा सकता।
- 35 रुपये प्रति कुंतल बढ़ा लाभांश
सीएम योगी ने कहा कि केंद्र सरकार ने लाभांश में 10 रुपये और राज्य सरकार ने 25 रुपये की वृद्धि की है। इस तरह कुल 35 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने लाभांश में 25 रुपये की और वृद्धि के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा है। इसमें समय लग सकता है, लेकिन स्वीकृति मिलने पर कोटेदारों के लिए व्यवस्था और बेहतर होगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार औसतन प्रत्येक उचित दर विक्रेता को करीब 100 कुंतल खाद्यान्न का आवंटन होता है। पहले 90 रुपये प्रति कुंतल की दर से लगभग 12,750 रुपये मासिक आय होती थी, जो अब 125 रुपये प्रति कुंतल की दर से बढ़कर करीब 16,250 रुपये हो जाएगी। इसके अतिरिक्त दुकान से होने वाला मुनाफा अलग होगा।
- 2017 से पहले की व्यवस्था पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उचित दर विक्रेता मेहनत करते थे, लेकिन शासन से राशन नहीं पहुंचने और भ्रष्टाचार का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता था। लोग कोटेदारों को शक की निगाह से देखते थे। उन्होंने कहा कि गलती किसी और की होती थी, लेकिन भुक्तभोगी कोई और बनता था।
सीएम ने कहा कि 2017 के बाद ई-पॉस मशीनों की व्यवस्था लागू की गई और सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी शुरू हुई। अब एफसीआई के गोदाम से सीधे फेयर प्राइस शॉप तक राशन पहुंचता है। सरकार और उचित दर विक्रेता के बीच अनावश्यक बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। इससे पारदर्शिता बढ़ी और लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ।
- 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रदेश के करीब 15 करोड़ लोगों को लगातार निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। निराश्रितों और दिव्यांगजनों तक राशन घर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में दो करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन और 1.53 करोड़ परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राशन की 10 हजार दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस वर्ष सरकार ने इसके लिए 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इन भवनों में दुकान के साथ गोदाम की सुविधा भी होगी।
- राशन दुकानों पर 39 वस्तुओं की बिक्री की अनुमति
सीएम योगी ने कहा कि पहले उचित दर विक्रेता केवल राशन की बिक्री तक सीमित थे, लेकिन अब 39 प्रकार की वस्तुओं को दुकानों से बेचने की अनुमति दी गई है। हालांकि नशीले और ज्वलनशील पदार्थों तथा देश और समाज के प्रतिकूल आचरण से जुड़े सामान की बिक्री नहीं की जा सकेगी। उन्होंने कोटेदारों से अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण में तेजी लाने की अपील की। कहा कि राशन वितरण के लिए महीने में 7 से 10 दिन दुकान का उपयोग करने के बाद शेष दिनों में वेयरहाउस के रूप में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकेगी।
- कोरोना काल में कोटेदारों की भूमिका को सराहा
सीएम योगी ने कोरोना संक्रमण के दौरान राशन वितरण में उचित दर विक्रेताओं की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब कोरोना के दौरान अधिकांश काम-धंधे बंद थे, तब सरकार ने गरीबों को दाल, नमक और तेल उपलब्ध कराया और कोटेदारों ने इसे जरूरतमंदों तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने कहा कि सुचारु वितरण से गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में कोटेदारों की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई।
उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के बीच की दीवारें हटने से व्यवस्था में पारदर्शिता आती है। पारदर्शिता विश्वास का आधार बनती है और विश्वास से लोकतंत्र मजबूत होता है।
- कोटेदारों से सम्मान की पहचान बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने उचित दर विक्रेताओं से अपील की कि वे खुद को विश्वास और सम्मान के प्रतीक के रूप में स्थापित करें। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा भवन केवल राशन वितरण का केंद्र नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने का माध्यम भी बन सकता है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद विभाग के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय, राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान और मुकेश शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
लाभांश बढ़ाए जाने पर कोटेदारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया। उत्तर प्रदेश सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के अध्यक्ष अशोक कुमार मेहरोत्रा, ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के राजेश तिवारी, आदर्श कोटेदार कमलेश कुमार मिश्र और उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने भी कोटेदारों के प्रति आभार व्यक्त किया।
NAGARIK SATTA
