लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में बुधवार को कृषि भवन के सभागार में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर बैठक हुई। इसमें उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) के कार्यों की समीक्षा, खाद, बीज एवं कीटनाशक व्यापारियों के साथ कृषि आदान व्यापार की समस्याओं पर चर्चा तथा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के ‘इनोवेशन हब यूपी’ और उत्तर प्रदेश को ग्लोबल एग्री हब बनाए जाने के संबंध में ‘यूपी कृषि महाकुंभ-2026’ के प्रस्तुतीकरण का अवलोकन किया गया।
समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) को विगत वर्ष आवंटित बजट के उपभोग और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। अनुसंधान तथा फसलों की नई प्रजातियों के विकास में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
प्रदेश के किसानों को सुगमता से खाद, बीज एवं कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि आदान व्यापारियों के साथ उनकी व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान कृषि मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों से ’’ओवररेटिंग और टैगिंग’’ जैसी गतिविधियां किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि किसानों को निर्धारित दरों पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, व्यापारियों को आश्वस्त किया कि व्यापार में आ रही व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं का सरकार द्वारा शीघ्र समाधान कराया जाएगा।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के ‘इनोवेशन हब यूपी’ के प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के हित में बनाई जाने वाली प्रत्येक योजना का वास्तविक लाभ सीधे किसानों तक पहुंचना अनिवार्य है। उन्होंने प्रस्तुतीकरण की पुनः गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र, विशेष सचिव कृषि लाल बहादुर यादव, महानिदेशक उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद संजय सिंह, निदेशक कृषि टी.एम. त्रिपाठी सहित कृषि विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
NAGARIK SATTA