लखनऊ। बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा एवं वित्त विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर विधानसभा कक्ष संख्या-77 में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। विधान परिषद के नेता सदन एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, विधान परिषद सदस्य राजबहादुर सिंह चंदेल, डॉ. आकाश अग्रवाल, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, डॉ. बाबू लाल तिवारी, साकेत मिश्रा, डॉ. मान सिंह यादव, डॉ. आशुतोष सिन्हा सहित अन्य सदस्य तथा बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा एवं वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सदस्यों ने शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों और अन्य कार्मिकों की समस्याओं, सुविधाओं तथा उनके हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर सुझाव दिए। इस दौरान प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वर्गों के लिए उठाए गए कदमों पर भी चर्चा हुई।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा के विस्तार को बताया महत्वपूर्ण कदम
बैठक में शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों के साथ ही एडेड एवं सेल्फ फाइनेंस संस्थानों, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्णय का स्वागत किया गया।
सदस्यों ने कहा कि बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण, श्रम तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलना शिक्षा क्षेत्र से जुड़े व्यापक वर्ग के लिए महत्वपूर्ण राहत है। सदस्यों ने इस निर्णय के लिए प्रदेश सरकार के प्रति धन्यवाद और आभार व्यक्त किया।
बैठक में कहा गया कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केवल विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक कार्मिक के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है।
सर्वदलीय बैठक में विभिन्न विषयों पर हुए विचार-विमर्श को सदस्यों ने सकारात्मक और रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और सुदृढ़ बनाने के लिए आपसी संवाद एवं सहयोग जरूरी है। बैठक में प्राप्त सुझावों पर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही किए जाने को लेकर भी चर्चा हुई।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी पक्षों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े कार्मिकों के हितों को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता जताई।
NAGARIK SATTA
