- मीडिया साक्षरता, फैक्ट-चेकिंग और एआई रेडिनेस के क्षेत्र में योगदान को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान; 40 से अधिक विद्यालयों में चला चुकी हैं जागरूकता अभियान
लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की सहायक प्राध्यापक एवं प्रभारी डॉ. रुचिता सुजय चौधरी को यूनेस्को मीडिया एंड इनफार्मेशन लिटरेसी (MIL) एलायंस की सदस्यता प्रदान की गई है। मीडिया एवं सूचना साक्षरता के क्षेत्र में उनके सक्रिय योगदान को मिली यह अंतरराष्ट्रीय पहचान विश्वविद्यालय के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उनकी इस उपलब्धि से मीडिया साक्षरता, डिजिटल नागरिकता, तथ्य-जांच और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी शैक्षणिक गतिविधियों को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की नई संभावनाएं खुलेंगी। यूनेस्को का मीडिया एंड इनफार्मेशन लिटरेसी एलायंस मीडिया एवं सूचना साक्षरता को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रमुख वैश्विक मंच है। यह डिजिटल युग में नागरिकों के बीच आलोचनात्मक सोच विकसित करने, विश्वसनीय सूचनाओं की पहचान करने, भ्रामक जानकारी से बचने और मीडिया के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करता है।
- 40 से अधिक विद्यालयों में चला चुकी हैं जागरूकता अभियान
डॉ. रुचिता सुजय चौधरी ने मीडिया एवं सूचना साक्षरता को विद्यार्थियों और आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। उनके सेंटर फॉर मीडिया एंड इनफार्मेशन लिटरेसी के माध्यम से लखनऊ, सीतापुर, बरेली और बाराबंकी सहित विभिन्न जिलों के 40 से अधिक विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों में सूचना को समझने, उसकी विश्वसनीयता परखने और डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने की क्षमता विकसित करना है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विद्यार्थियों और मीडिया प्रोफेशनल्स के लिए मीडिया लिटरेसी टूलकिट, मीडिया साक्षरता पाठ्यक्रम तथा एआई रेडिनेस से संबंधित शैक्षणिक पहलें विकसित की हैं। उन्होंने गूगल और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के सहयोग से आयोजित AI for Digital Readiness & Advancement कार्यक्रम में प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। वह फैक्ट-चेकिंग एवं सूचना सत्यापन के क्षेत्र में प्रमाणित प्रशिक्षक के रूप में भी योगदान दे रही हैं।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग और शोध को मिलेगा बढ़ावा
यूनेस्को MIL एलायंस की सदस्यता मिलने से डॉ. रुचिता को विभिन्न देशों के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, मीडिया विशेषज्ञों और संस्थानों के साथ संवाद एवं ज्ञान-विनिमय का अवसर मिलेगा। इससे मीडिया एवं सूचना साक्षरता, डिजिटल नागरिकता, एआई रेडिनेस, फैक्ट-चेकिंग और जिम्मेदार डिजिटल संचार के क्षेत्र में संयुक्त शोध, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस सदस्यता के माध्यम से वैश्विक स्तर पर विकसित नवीन शिक्षण-पद्धतियों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को डिजिटल युग की चुनौतियों, सूचना की विश्वसनीयता तथा एआई के जिम्मेदार उपयोग को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है।
- कुलपति ने दी बधाई, बताया विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय
डॉ. रुचिता की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि मीडिया एवं सूचना साक्षरता डिजिटल युग की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। डॉ. रुचिता को यूनेस्को MIL एलायंस की सदस्यता मिलना भाषा विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। इससे विश्वविद्यालय के मीडिया साक्षरता, एआई रेडिनेस और जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता से जुड़े प्रयासों को वैश्विक मंच पर नई पहचान और दिशा मिलेगी। डॉ. रुचिता की यह उपलब्धि न केवल उनके शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान को रेखांकित करती है, बल्कि डिजिटल युग में जागरूक, जिम्मेदार और सूचना-संपन्न नागरिकों के निर्माण की दिशा में विश्वविद्यालय की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बनाती है।
NAGARIK SATTA